अवैध रेत परिवहन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 16 वाहन जब्त; दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

सीधी। जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं रेत परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त जांच अभियान में 16 वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच पखवाड़ा अभियान के तहत यह कार्रवाई पुलिस एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में की गई।
संयुक्त टीम ने पिपरांव चौकी, थाना सेमरिया, थाना जमोड़ी, यातायात थाना, थाना बहरी, मोहनिया चौकी, थाना अमिलिया, थाना रामपुर नैकिन तथा टिकरी चौकी क्षेत्र में सघन जांच के दौरान अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए 13 हाइवा, एक टाटा-909, एक टाटा-407 तथा दो ट्रैक्टर सहित कुल 16 वाहनों को जब्त किया। सभी वाहनों को संबंधित थाना एवं चौकियों में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है।
जिला खनिज विभाग के अनुसार सभी वाहनों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रकरणों को आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रशासन ने बताया कि जिन वाहनों का संचालन बिना पंजीयन अथवा बिना नंबर के किया गया है, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए जिला परिवहन अधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। वहीं अवैध खनिज कारोबार में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 200 प्रकरण दर्ज कर 1.37 करोड़ रुपये शासन के कोष में जमा कराए गए थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में अब तक 93 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनसे 35 लाख रुपये शासकीय कोष में जमा हुए हैं।
इस संयुक्त कार्रवाई में नगर सैनिक शिवशंकर सिंह, तेज़बहादुर सिंह एवं अनिल पाठक का योगदान सराहनीय रहा।




