सीधी कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का छापा: 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते तहसील का चपरासी रंगे हाथ गिरफ्तार

सीधी जिले के गोपद बनास तहसील कार्यालय में बुधवार सुबह लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चपरासी को 3 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई सुबह करीब 10:30 बजे की गई, जिसके बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, खजुरी निवासी नागेंद्र तिवारी ने वारिसाना (उत्तराधिकार) प्रकरण के निराकरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि प्रकरण का काम कराने के बदले चपरासी दामोदर प्रसाद साकेत ने 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त रीवा की टीम ने पहले शिकायत का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी चपरासी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
घटना के बाद तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय में पूरे दिन चर्चा का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच केवल रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
हालांकि, लोकायुक्त की ओर से फिलहाल किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।




