‘मन की बात’ में मिली पहचान को बनाए रखना अब हमारी जिम्मेदारी: कलेक्टर विकास मिश्रा

सीधी। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जिले के जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख होने के बाद जिला प्रशासन अब इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि यह पूरे जिले के लिए सम्मान का विषय है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों से जल संरक्षण के मॉडल को आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तैयार की गई जल संरचनाओं का उपयोग केवल जल संग्रहण तक सीमित न रहे। इनका उपयोग मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, उद्यानिकी, कृषि और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए किया जाए। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को इन गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण रोजगार और आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को अपने कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और सेवा वितरण की गुणवत्ता में लगातार सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विभाग हर माह अपने प्रदर्शन में सुधार लाने का प्रयास करे और नवाचार को कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविर लगातार जारी रहेंगे। खनन प्रभावित क्षेत्रों में कुपोषण और टीबी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं पशुपालन विभाग को भी स्वास्थ्य शिविरों के साथ पशु उपचार, टीकाकरण और विभागीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए कहा गया।
वर्षा ऋतु को देखते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, जलभराव वाले क्षेत्रों की साफ-सफाई और पुल-पुलियों पर सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और छात्रावासों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र संचालित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने निजी भवनों में संचालित शासकीय विद्यालयों की सूची तैयार कर सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में 29 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘युवा संगम’ रोजगार मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा बस स्टैंडों पर मूलभूत सुविधाओं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के मामलों, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना, खाद-बीज की उपलब्धता तथा पशुधन विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



