लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लापरवाही महंगी पड़ी, दो पंचायत सचिवों पर ₹1-1 हजार का जुर्माना

सीधी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर जिला प्रशासन ने दो पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) तथा द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी विकास मिश्रा ने दोनों सचिवों पर ₹1-1 हजार का अर्थदंड लगाया है।
जारी आदेश के अनुसार विभागीय पोर्टल की समीक्षा के दौरान योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित अधिसूचित सेवाओं के कई आवेदन निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित पाए गए। प्रशासन ने पहले संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन न तो समय पर संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके कारण आवेदकों को समय पर सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिल सका।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 की धारा 6(2) एवं 7(1)(क) के तहत ग्राम पंचायत पिपरहा (जनपद पंचायत सिहावल) के सचिव अविनाश चतुर्वेदी तथा ग्राम पंचायत हनुमानगढ़ (जनपद पंचायत रामपुर नैकिन) के सचिव लालमणि सिंह पर ₹1-1 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। समय-सीमा का पालन नहीं करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




