दोमुंहा सांप की तस्करी के दोषी को 3 साल की सजा, भोपाल कोर्ट का फैसला

भोपाल। वन्यजीव तस्करी के एक चर्चित मामले में भोपाल की अदालत ने आरोपी प्रतीक सिंह बोहरा को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और ₹2,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय 27 जून 2026 को तेईसवें अपर सत्र न्यायाधीश सचिन जैन की अदालत ने सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक आकिल अहमद खान ने बताया कि आरोपी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51(1) एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत दोषी ठहराया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आकिल अहमद खान एवं श्रीमती सुधा विजय सिंह भदौरिया ने मामले की पैरवी की।
मामला 7 जनवरी 2016 का है, जब एसटीएफ भोपाल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मिनाल इन्क्लेव, गुलमोहर क्षेत्र में कुछ लोग एक काले रंग की सफारी वाहन में दुर्लभ सैंडबोआ (दोमुंहा सांप) की तस्करी करने के उद्देश्य से घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान वाहन में सवार पांच लोगों के कब्जे से एक बैग में लगभग 114 सेंटीमीटर लंबा और करीब दो किलोग्राम वजनी सैंडबोआ सांप बरामद किया गया। इसके बाद एसटीएफ ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी प्रतीक सिंह बोहरा को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और ₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया।




