गोपद नदी घाट पर अवैध रेत उत्खनन, तीन वाहन जब्त

सीधी। जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोपद नदी घाट से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त तीन वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान कुछ चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए, जबकि एक चालक को टीम ने मौके पर पकड़ लिया।
कलेक्टर विकास मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में खनिज विभाग की टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर गोपदबनास तहसील के ग्राम सिरसी स्थित गोपद नदी घाट पर कार्रवाई की। जांच के दौरान तीन वाहन अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन करते पाए गए।
टीम को देखकर भागे चालक
खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों ने मौके से भागने का प्रयास किया। बताया गया कि दो वाहनों के चालकों ने वाहन में लोड रेत को रास्ते में खाली कर कार्रवाई से बचने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते वाहन छोड़कर फरार हो गए।
वहीं बिना नंबर वाले एक टाटा-407 वाहन के चालक को खनिज दल ने पीछा कर पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम बाला प्रसाद यादव निवासी ग्राम सिरसी बताया।
तीन वाहन जब्त, थाना कोतवाली में रखे गए
कार्रवाई के दौरान बिना नंबर वाले टाटा-407 वाहन सहित वाहन क्रमांक एमपी 53 जीए 4183 और एमपी 53 जीए 3272 को जब्त किया गया। जब्त किए गए तीनों वाहनों को सुरक्षार्थ थाना कोतवाली सीधी की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
खनिज विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिना नंबर वाहन पर अलग से होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि बिना पंजीयन नंबर वाले वाहन के संबंध में मोटर वाहन अधिनियम के तहत पृथक कार्रवाई के लिए जिला परिवहन अधिकारी को भी पत्र भेजा जाएगा।
अन्य संलिप्त लोगों की भी होगी पहचान
खनिज विभाग के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं।
वन विभाग का भी मिला सहयोग
कार्रवाई के दौरान वन विभाग का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अधिकारियों के अनुसार सूचना प्राप्त होने के बाद वन विभाग ने तत्काल सहयोग उपलब्ध कराया, जिससे पूरी कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।




