रेस्ट हाउस के सामने स्थापित प्रतिमा पर प्रशासन का स्पष्टीकरण, अनुमति नहीं लेने की पुष्टि

सीधी। लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस के सामने स्थापित प्रतिमा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा स्थापना के लिए निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और न ही सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई थी।
जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र दिनांक 24 सितंबर 2020 में सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमा स्थापना के लिए आवश्यक नियम एवं प्रक्रियाएं निर्धारित हैं। इन नियमों के तहत किसी भी प्रतिमा की स्थापना से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य है।
जांच में क्या सामने आया?
मामले की जांच के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी, तहसीलदार गोपद बनास और लोक निर्माण विभाग से प्रतिवेदन प्राप्त किए गए। जांच में सामने आया कि रेस्ट हाउस के सामने स्थित शासकीय/नजूल भूमि पर नगर पालिका द्वारा शासकीय राशि से चबूतरे का निर्माण कराया गया था।
प्रतिवेदन के अनुसार 7 जून 2026 की रात करीब 11 बजे उक्त चबूतरे पर प्रतिमा स्थापित की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा स्थापना के लिए न तो किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली गई थी और न ही भूमि आवंटन के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
पार्क निर्माण के आवेदन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस ऑनलाइन आवेदन पत्र दिनांक 2 अक्टूबर 2023 का उल्लेख किया जा रहा है, वह प्रतिमा स्थापना से संबंधित नहीं था। यह आवेदन पार्क निर्माण हेतु भूमि आवंटन के लिए किया गया था।
जानकारी के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित मॉनिटरिंग सेल की बैठक में उक्त भूमि पर पार्क विकसित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद नगर पालिका परिषद की पीआईसी बैठक में प्रस्ताव पारित कर कार्यादेश भी जारी किया गया था।
सुरक्षा को लेकर भी जताई गई चिंता
लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में प्रतिमा की वर्तमान स्थिति को सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं बताया गया है। विभाग ने आशंका जताई है कि तेज हवा या अन्य परिस्थितियों में सुरक्षा संबंधी जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
दोषियों पर हो सकती है कार्रवाई
जिला प्रशासन ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है। साथ ही मामले में जिम्मेदारी तय कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमा स्थापना से जुड़े सभी मामलों में मध्यप्रदेश शासन के नियमों तथा न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।




