मतदाता सूची पुनरीक्षण पर स्टैंडिंग कमेटी की बैठक, राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

सीधी। पंचायत एवं नगरीय निकायों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति, प्राप्त दावे-आपत्तियों और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत की जा रही कार्यवाहियों की जानकारी साझा की गई।
दावे-आपत्तियों की संख्या अपेक्षाकृत कम
बैठक में बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की अवधि बढ़ाई गई है और दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अपेक्षाकृत कम संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इस पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को मतदाता सूची का अवलोकन करने तथा आवश्यकतानुसार नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।
मतदाता सूचियों में 94 हजार से अधिक का अंतर
बैठक में जानकारी दी गई कि विधानसभा निर्वाचक नामावली-2026 में जिले के कुल 8 लाख 56 हजार 651 मतदाता दर्ज हैं, जबकि पंचायत एवं नगरीय निकायों की प्रारूप मतदाता सूची में 9 लाख 50 हजार 858 मतदाता शामिल हैं।
दोनों सूचियों के बीच 94 हजार 207 मतदाताओं का अंतर पाया गया है। इस अंतर को दूर करने के लिए अतिरिक्त दर्ज मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान मृतक, स्थानांतरित, अज्ञात अथवा दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह प्रक्रिया 15 जून 2026 तक पूर्ण की जानी है।
बीएलए नियुक्त करने का आग्रह
कलेक्टर विकास मिश्रा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बीएलए की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बीएलए अपने क्षेत्र में ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान कर सकते हैं जिनके नाम सूची में शामिल नहीं हैं। साथ ही मृतक, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की जानकारी भी उपलब्ध करा सकते हैं।
पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया पर जोर
बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सहभागी और त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन एवं राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही।




