नाबालिक को काम के बहाने से ले जाकर गलत काम करने वाले आरोपीगण को हुई सजा

नाबालिक को काम के बहाने से ले जाकर गलत काम करने वाले आरोपीगण को हुई सजा
संभागीय जनसम्पर्क अधिकारी श्री मनोज त्रिपाठी , भोपाल ने बताया कि दिनांक 22/03/2024 माननीय न्यायालय श्रीमती तृप्ती पाण्डेय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट महोदय, के द्वारा दुष्कर्म करने वाले आरोपीगण दिलीप उर्फ जितेन्द्र और मंजू राव को धारा 376 (डी) भादवि एवं 5जी/6 एवं 16/17 पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध पाते हुये आरोपी दिलीप उर्फ जितेन्द्र को धारा 376(डी) भादवि एवं 5जी/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000रू अर्थदण्ड एवं आरोपिया मंजू को धारा 376 (डी) भादवि 16/17 पॉक्सों एक्ट मे 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित का निर्णय पारित किया है । उक्त प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री टी.पी. गौतम, श्रीमती रागिनी श्रीवास्तव एवं श्रीमती सरला कहार द्वारा पैरवी की गई है।
घटना का संक्षिप्त् विवरण :-
दिनांक 30/10/2019 को फरियादिया थाना चूना भट्टी मे उपस्थित होकर मैखिक रिपोर्ट की कि मैं भोपाल मे किराये के मकान मे रहती हॅू और दिनांक 30/10/2019 को करीब 11 बजे काम की तलाश के लिये ललिता नगर गई थी तभी वहा पर मंजू आंटी मुझे मिली जो पहले हमारे घर के पास रहती थी और पुछा यहा पर क्यो खडी हो तो मैंने मंजू आंटी को बताया कि काम की तलाश के लिये आई हू तो मंजू आंटी ने मुझे कहा तू शाम को 06 बजे मिलना फिर मैं रूम पर चली गई, शाम को 06:00 बजे मे ललिता नगर पहुची जहॉ मंजू आंटी और उनके दोस्तं दिलीप अंकल आये और हम तीनों वहॉ से दिलीप अंकल की गाडी से बीमाकुंज से होते हुये कलियासोत डेम की तरफ रोड पर कोई रहागीर नही दिख रहे थे वहा पर ले गये थे और मैं मोटरसाईकिल पर बीच मे बैठी थी मंजू आंटी ने अपने हाथ पर विक्स बाम लगाकर अपने हाथ मेरी आंख पर रख दिये जिससे मुझे आंखो मे जलन होने लगी और मेरी आंखे नही खुल रही थी और मुझे गाडी से उतारकर खाली जगह पर लेटा दिया मंजू आंटी ने मेरा मुंह दबा लिया और दिलीप अंकल ने मेरा कुर्ता फाड दिया और मेरे गले पर नाखून से खरोचा और सीने मे दांत से काटा जबरदस्तीर मेरे कपडे उताकर मेरे साथ गलत काम (बलात्संग) किया मैं बहुत चिल्ला रही थी तो मैने मंजू आंटी के हाथ पर काटा तभी मंजू आंटी और दिलीप अंकल वहा से भाग गये फिर मैने कपडे पहनकर वहा से निकली और लोगो की मद्द से पुलिस के पास पहुंची उक्त सूचना के आधार पर चूनी भट्टी थाने द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया सम्पूर्ण विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र माननीय न्याायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन के साक्ष्य, तर्को, दस्तावेजी साक्ष्य एवं चिकित्सीय साक्ष्य से सहमत होते हुऐ आरोपी दिलीप उर्फ जितेन्द्र् को धारा 376(डी) भादवि एवं 5जी/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000रू अर्थदण्ड एवं आरोपिया मंजू को धारा 376 (डी) भादवि 16/17 पॉक्सो एक्ट मे 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित का निर्णय पारित किया है ।




