सीधी में 25 लाख के चोरी गए बिजली खंभे बरामद, RDSS योजना से जुड़े मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सीधी। जिले के मड़वास थाना क्षेत्र में RDSS योजना से जुड़े बिजली खंभों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी किए गए 131 लोहे के विद्युत खंभों में से 71 H-Beam खंभे बरामद कर लिए हैं। बरामद खंभों की कीमत 25.80 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों और शेष खंभों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार यह मामला उस समय सामने आया था जब RDSS योजना के तहत विद्युत वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण कार्य के लिए रखे गए खंभे अचानक गायब पाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
131 खंभे चोरी होने से मचा था हड़कंप
जानकारी के अनुसार 19 मई 2026 को रीवा निवासी सिद्धार्थ सिंह परिहार ने थाना मड़वास में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वन चौकी सिकरा और ग्राम टिकरी में रखे गए 33 केवी लाइन के 131 H-Beam लोहे के खंभे अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर लिए गए हैं।
चोरी हुए खंभों की कुल अनुमानित कीमत 47.61 लाख रुपये बताई गई थी। सरकारी परियोजना से जुड़े इतने बड़े स्तर की चोरी सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों तक पहुंच बनाई। जांच के बाद पुलिस टीम ने मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बिंदूनगर में दबिश दी।
यहां आरोपी भूपेश कुमार पटेल के ससुर दिवाकर सिंह के परिसर से चोरी किए गए 71 H-Beam खंभे बरामद किए गए। बरामद खंभों की कीमत 25,80,424 रुपये आंकी गई है।
बाकी खंभों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि अभी चोरी गए सभी खंभे बरामद नहीं हुए हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शेष खंभों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
सरकारी परियोजना से जुड़ा है मामला
यह चोरी RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाना है। ऐसे में परियोजना के लिए रखी गई सामग्री की चोरी को गंभीर मामला माना जा रहा है।
जांच पर टिकी निगाहें
71 खंभों की बरामदगी के बाद पुलिस को बड़ी सफलता जरूर मिली है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाकी खंभे कहां हैं और चोरी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले में अन्य खुलासे हो सकते हैं।




