स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, सफल उद्यमों से प्रेरणा लेंगे युवा; कलेक्टर ने औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण

सीधी। जिले में स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की दिशा में कलेक्टर विकास मिश्रा ने शनिवार को विभिन्न सफल औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी व्यवस्था, विपणन और रोजगार सृजन से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन करते हुए उद्यमियों से विस्तार से चर्चा की तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
भ्रमण की शुरुआत ग्राम डैनिहा स्थित मेसर्स अक्षत एसोसिएट्स से हुई, जहां संचालिका संजू शुक्ला द्वारा नमकीन एवं चिप्स का निर्माण किया जा रहा है। यह इकाई प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत स्थापित की गई है, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों का निर्माण कर रही है।
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम जमोड़ी स्थित मेसर्स विजेता स्टील का निरीक्षण किया। संचालक गुलाम कौदिर द्वारा संचालित इस इकाई में स्टील फर्नीचर एवं फैब्रिकेशन का कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उत्पादन प्रक्रिया का जायजा लिया और उत्पादों की गुणवत्ता तथा बाजार विस्तार को लेकर आवश्यक सुझाव दिए।
कलेक्टर ने ग्राम पनवार बघेलान स्थित मेसर्स भास्कर एसोसिएट्स का भी दौरा किया। संतकुमार सिंह एवं अजय कुमार सिंह द्वारा संचालित इस इकाई में आधुनिक तकनीक से प्रीकास्ट बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा है। यह इकाई औद्योगिक प्रोत्साहन योजना के तहत संचालित होकर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ग्राम पनवार स्थित मेसर्स विजय ऑयल मिल भी पहुंचे, जहां ब्रह्मानंद शुक्ला द्वारा तेल उत्पादन किया जा रहा है। PMEGP के तहत स्थापित यह इकाई स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन का एक सफल उदाहरण मानी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिले की ऐसी सफल औद्योगिक इकाइयां स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन इकाइयों को तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, विपणन सहयोग और अन्य शासकीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर इनके विस्तार में सहयोग किया जाए।
उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को निर्देशित किया कि इन सफल इकाइयों को “मॉडल इंडस्ट्रियल यूनिट” के रूप में विकसित किया जाए और इनके अनुभवों का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाया जाए। साथ ही आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए नियमित एक्सपोजर विजिट आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि छात्र औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझ सकें और उनमें उद्यमिता के प्रति रुचि विकसित हो।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की स्वरोजगार एवं औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जिले में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। स्थानीय संसाधनों और युवाओं की प्रतिभा का बेहतर उपयोग कर सीधी को औद्योगिक और उद्यमिता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र अभिलाष मरावी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




