सड़क की बदहाली ने बढ़ाई पीड़ा: सिंगरौली में किशोर के शव को खाट पर रखकर पैदल ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण

सिंगरौली। जिले के सरई थाना क्षेत्र के दुधमनियां गांव में बदहाल सड़क व्यवस्था ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें उजागर कर दीं। 16 वर्षीय किशोर की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को उसका शव खाट पर रखकर पैदल मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा, क्योंकि बारिश से कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो गया था और एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। घटना शुक्रवार की है, जबकि इसका वीडियो शनिवार को सामने आया।
आधा किलोमीटर तक खाट पर ले जाना पड़ा शव
जानकारी के अनुसार, दुधमनियां निवासी सुनील सिंह (16 वर्ष), पिता राजमोहन सिंह, की शुक्रवार को मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल ले जाना था, लेकिन गांव तक जाने वाली सड़क कीचड़ और दलदल से भर जाने के कारण एंबुलेंस बीच रास्ते में ही रुक गई। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर पैदल मुख्य मार्ग तक पहुंचाया, जहां से आगे वाहन के जरिए अस्पताल ले जाया गया।
वर्षों से पक्की सड़क की मांग
स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला करीब दो किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह कच्चा है। बारिश के मौसम में यह रास्ता दलदल में बदल जाता है, जिससे लोगों का आवागमन लगभग ठप हो जाता है। करीब 1,500 की आबादी वाले गांव के लोग लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की बात
सरई थाना प्रभारी प्रहलाद मैस्क्युले ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किशोर द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। परिजनों के अनुसार, वह पिछले करीब दो सप्ताह से मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को सरई तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की थी, लेकिन सड़क की अत्यंत खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। थाना प्रभारी ने भी माना कि जर्जर सड़क के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई।
सवाल फिर वही—कब बदलेगी तस्वीर?
यह घटना केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में आपातकालीन सेवाओं का प्रभावित होना ग्रामीणों के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है।




