शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने कलेक्टर ने प्राचार्यों को दिए निर्देश

सीधी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कलेक्टर विकास मिश्रा ने कुसमी में प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी प्राचार्य जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण पर भी जोर
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उन्होंने प्राचार्यों से अपेक्षा की कि प्रत्येक छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं।
कलेक्टर ने कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने और परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बालिका शिक्षा को दी प्राथमिकता
बैठक में बालिका शिक्षा को लेकर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और जो बालिकाएं पढ़ाई छोड़ चुकी हैं, उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक एवं स्वच्छ शौचालय, नियमित साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण आधार है।
मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
कलेक्टर ने विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, खेलकूद, पुस्तकालय और डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि खेल, योग, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाना आवश्यक है।
उनके अनुसार ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डिजिटल शिक्षा और नवाचार पर चर्चा
बैठक में डिजिटल शिक्षण संसाधनों के उपयोग, नवाचार गतिविधियों और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाए, जहां विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकें।
उन्होंने प्राचार्यों से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बनेगा सशक्त समाज
कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तो जिले के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने सपनों को साकार करने में सफल होंगे।
बैठक में उपखंड अधिकारी कुसमी शैलेश द्विवेदी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा, शिक्षा विभाग के अधिकारी और विकासखंड कुसमी के सभी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।




