हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

शाजापुर। विशेष न्यायाधीश (अजा-जजा अत्याचार निवारण अधिनियम) शाजापुर, श्री अंजनी नंदन जोशी ने हत्या के आरोप में दोषी पाए गए दो व्यक्तियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी लखन उर्फ जितेंद्र मालवीय (निवासी ग्राम मुगली, तहसील आष्टा, जिला सीहोर) को धारा 302 सहपठित धारा 34 भादवि में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसी तरह धारा 364 सहपठित धारा 34 भादवि में भी आजीवन कारावास व ₹1,000 का अर्थदंड और धारा 201 सहपठित धारा 34 भादवि में तीन वर्ष कठोर कारावास व ₹200 अर्थदंड दिया गया।
इसी प्रकार, अशोक बागवान (निवासी ग्राम मुगली, तहसील आष्टा, जिला सीहोर) को धारा 302 सहपठित धारा 34 भादवि में आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड, धारा 364 सहपठित धारा 34 भादवि में आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) में आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड, तथा धारा 201 सहपठित धारा 34 भादवि में तीन वर्ष कठोर कारावास एवं ₹200 अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
हत्या की पूरी घटना
विशेष लोक अभियोजक कमल गोयल, एडीपीओ शाजापुर ने बताया कि 29 जून 2020 को थाना अकोदिया में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। जांच के दौरान मृतक की पहचान जगदीश बलाई (निवासी ग्राम मुगली, थाना आष्टा, जिला सीहोर) के रूप में हुई।
गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आया कि जितेंद्र उर्फ लखन और अशोक ने ट्रैक्टर चोरी के संदेह में जगदीश की लकड़ी और बेल्ट से पिटाई कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए उसे गुलाना और बोलाई के बीच पानी के ठेल में फेंक दिया गया था।
जांच और न्यायालय का फैसला
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को माननीय न्यायालय ने स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
थाना अकोदिया द्वारा संपूर्ण अनुसंधान के बाद चालान सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसमें अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल गोयल (एडीपीओ, शाजापुर) ने पैरवी की।
मीडिया प्रभारी
सचिन रायकवार, एडीपीओ शाजापुर




