तनावमुक्त प्रबंधन पर कार्यशाला, नशामुक्ति और मोबाइल के सीमित उपयोग का दिया संदेश

सीधी। जिला पंचायत सभागार में समय-सीमा बैठक से पहले तनावमुक्त प्रबंधन और सकारात्मक जीवनशैली को लेकर जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति, मोबाइल के सही इस्तेमाल, योग और आत्म-अनुशासन जैसे विषयों पर अधिकारियों-कर्मचारियों को मार्गदर्शन दिया गया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोगी श्रीकांत और डॉ. रामाजायम ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा स्वास्थ्य के साथ व्यक्ति की कार्यक्षमता और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करता है।
कार्यशाला में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जरूरत से ज्यादा मोबाइल और डिजिटल सामग्री का उपयोग समय की बर्बादी के साथ एकाग्रता और कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। मोबाइल का इस्तेमाल आवश्यकता और उद्देश्य के अनुसार करने की सलाह दी गई।
योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर
कार्यशाला में नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान को तनाव कम करने तथा मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के उपयोगी साधन बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच बेहतर कार्यक्षमता के लिए जरूरी हैं।
कलेक्टर बोले- तनावमुक्त माहौल से बढ़ेगी कार्यक्षमता
कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि शासकीय सेवाओं में कार्य के दबाव के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। तनावमुक्त और सकारात्मक सोच के साथ काम करने से निर्णय क्षमता और कार्यक्षमता बेहतर होती है। उन्होंने नशामुक्ति को स्वस्थ परिवार और समाज से जोड़ते हुए कहा कि इसे केवल व्यक्तिगत संकल्प तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा कि ऐसी गतिविधियां आगे भी नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हर माह तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति, सकारात्मक जीवनशैली और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधि आयोजित करने की बात कही गई।
इस दौरान बीके रेखा ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



