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करोड़ों का ट्रैक्टर घोटाला कागजों में दफन हो गया 

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करोड़ों का ट्रैक्टर घोटाला कागजों में दफन हो गया

 

 

2 करोड़ से ऊपर का किया गया था घोटाला-6 सदस्यी टीम कर रही थी जांच

 

 

: सीधी जिले में बहुचर्चित रहा ट्रैक्टर ऋण घोटाला अब कागजों में दफन हो गया है। विगत वर्ष जांग कराकर अनन फानन में कुछ लोगों पर एफआईआर प्रशासन ने दर्ज कराया था। लेकिन पूरी तरह से मामले की जांच नहीं हो सकी थी और अब यह पूरा मामला कागजों में दफन हो गया है। तत्कालीन कलेक्टर ने जरूर अपर कलेक्टर के नेतृत्व में 6 सदस्यी टीम का गठन कर सात दिवस में प्रतिवेदन देने के निर्देश दिये गए थे लेकिन साल भर बीतने के बाद भी किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो पाई है।

 

बता दें कि ट्रैक्टर ऋण घोटाला जिसकी पोल तत्कालीन विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा खोली गई थी। इस मामले की जांच करने पूर्व में 6 सदस्यी टीम गठित कर दी गई थी। ट्रैक्टर घोटाले के मामले में पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले उपरांत एक नई टीम का गठन किया गया था, जिले के केंद्रीय सहकारी बैंक के गांधीग्राम साखा में ट्रैक्टर बिक्री करने के नाम पर 2 करोड़ से अधिक का घोटाला कर किसानों को कर्जदार बना दिया गया था। इन घोटालेबाज कर्मचारियों को बेनकाब करने के लिए सत्ताधारी दल के विधायक आगे आए थे। उनकी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जांच के निर्देश दिए थे। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के तत्कालीन कर्मचारियों, अधिकारियों ने मिलकर किसानों की कृषि उस्करण ट्रैक्टर बिक्री करने के नाम पर 2 करोड़ से अधिक का घोटाला कर किसानों को कर्जदार बना दिया है। किसानों को ट्रैक्टर लेने कि जानकारी तब हुई जब बैंक कर्मी वसूली करने उनके घर पहुंचा और नोटिस थमा दिया। किसानों ने बैंक और प्रशासन केउत्पीड़न से बचाने के लिए तत्कालीन विधायक केदारनाथ शुक्ल से गुहार लगाई थी। विधायक द्वारा कराई जांच में सामने आया कि ऐसे लोगों के नाम पर ट्रैक्टर देने का खेल खेला गया है, जिनके पासकृषि योग्य भूमि ही नहीं है। किसानों के साथ हुए धोखे कि जानकारी कलेक्टर को देने के साथ-साथ सहकारी बैंक के अधिकारियों को दी गई, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। तब तत्कालीन विधायक केदारनाथ शुक्ल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर अमलियत से अवगत कराया। जिसके बाद जांच शुरू हुई थी और दोषी कर्मचारियों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

टीम में ये थे शामिल 1 मई को तत्कालीन कलेक्टर द्वारा 6 सदस्यी टीम का गठन किया गया था जिसमें राहुल नामदेव भोटे अपर कलेक्टर अध्यक्ष, नीलेश शमां एसडीएम गोपदवनास सदस्य, नारायण कुमो एसडीओपी, सौरभ मित्रा तहसीलदार गोपदबनास, मदन सिह व्यके वरित सहकारी निरीक्षक सहकारिता विभाग सीधी एवं बीके सोधिया वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक सहकारिता विभाग सीधी को शामिल किया गया था और पूरे मामले की जांच सात दिवस के अंदर करके जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गाए थे लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कर्मचाई नहीं हो पाई है।

 

इन पर दर्ज हुआ था मामला

 

: जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सीधी शाखा गांधीग्राम के अन्तर्गत सहकारी समितियों के माध्यम से ट्रेक्टर हेतु षडयंत्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार कर हितग्राहियों के नाम पर विभिन्न ट्रेक्टर ऐजेंसियों के माध्यम से ऋण की राशि आहरित कर गवन करने संबंधी शिकायत पर थाना जमोड़ी में अपराप क्रमांक 449/2021 घारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत आरकेएस बौहान सीईओ, अयोध्या प्रसाद पाण्डेय अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय प्रबंध लेखा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या सीधी, सुरेश कुमार पाण्डेय लिपिक गांधीग्राम, दिलराज सिंह शाखा प्रबंधक, सुखेन्द्र सिंह समिति प्रबंधक गांधीग्राम, शैलेन्द सिंह समिति प्रबंधक गांधीग्राम, विकाश सिंह समिति प्रबंधक गांधीग्राम, वृजेन्द्र सिंह समिति प्रबंधक गांधीग्राम, सुनील सिंह प्रो. विवेक मोटर सीधी, कल्पना सिंह प्रो. कृष्णा आटो मोबाइल सीधी एवं विनोद सिंह राजपूत एजेंसी सीधी के विरूद्ध मामला

पंजीबद्ध किया गया था।

 


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