गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य निगरानी पर विशेष जोर, कलेक्टर ने प्रसव केंद्रों की व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश

सीधी। जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी संस्थागत प्रसव केंद्रों का एक माह के भीतर निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रसव केंद्रों पर स्वच्छता, दवाइयों की उपलब्धता, आवश्यक उपकरण, पेयजल, बिजली तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाए और जहां कमियां हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उनका कहना था कि प्रत्येक प्रसूता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलना प्रशासन की प्राथमिकता है।
कलेक्टर ने प्रसव सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दक्ष और प्रशिक्षित मानव संसाधन आवश्यक हैं। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए, ताकि स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों पर सभी निर्धारित सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान टीबी स्क्रीनिंग अभियान को तेज करने पर बल दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संभावित मरीजों की समय पर जांच हो और टीबी से प्रभावित गर्भवती महिलाओं तथा किशोरी बालिकाओं को प्राथमिकता के आधार पर पोषण किट उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में ‘चिरैया अभियान’ और सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किशोरी बालिकाओं को एनीमिया, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए। वहीं सिकल सेल की अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कर प्रभावित मरीजों की समय पर पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें और प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
बैठक में डॉ. सुनीता तिवारी, डॉ. नागेंद्र बिहारी दुबे, डॉ. हिमेश पाठक सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




