रात के अंधेरे में चलता था अवैध बोरिंग रैकेट, प्रशासन ने कसा शिकंजा – ड्राइवर गिरफ्तार, बड़ी कार्रवाई जारी

कटनी : अवैध बोरिंग रैकेट के चलते जल संसाधनों की हो रही अनदेखी पर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। गर्मी के मौसम में जल स्तर घटने के कारण जिला कलेक्टर द्वारा जारी बोरवेल खनन प्रतिबंध को ताक पर रखकर जारी अवैध खनन पर बरही पुलिस ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। अवैध बोरिंग रैकेट के अंतर्गत चल रही भारी मशीनें जब्त की गईं, और ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है।
अवैध बोरिंग रैकेट के खिलाफ प्रशासन ने किया छापा
बरही थाना क्षेत्र के विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम डीघी में प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोरिंग रैकेट सक्रिय था। तहसीलदार एवं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोर खनन में लगे दो भारी मशीनें MP19HA 4519 और MP2131CA0165 को जब्त किया। इस कार्रवाई में ड्राइवर को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ की जा रही है। मशीन के मालिक हरि पटैल पर भी जांच की जा रही है।
अवैध बोरिंग रैकेट और जल संकट: प्रशासन ने किया जलाभाव क्षेत्र घोषित
जिला कलेक्टर ने पूरे जिले को जलाभाव क्षेत्र घोषित कर जल संरक्षण को प्राथमिकता दी है। इसके तहत बिना अनुमति के बोरवेल खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। लेकिन अवैध बोरिंग रैकेट के दलाल और एजेंट दिन-रात सक्रिय रहकर प्रतिबंध को ताक पर रख रहे हैं, जिससे जल स्तर और अधिक गिर रहा है। केवल सरकारी एजेंसियां ही पेयजल के लिए बोरिंग कर सकती हैं, लेकिन अवैध रैकेट की वजह से प्राकृतिक संसाधनों को भारी नुकसान हो रहा है।
अवैध बोरिंग रैकेट की पैठ और प्रशासन की सतर्कता की जरूरत
अवैध बोरिंग रैकेट की वजह से क्षेत्र में जल संकट बढ़ रहा है। जहां से छापा मारा गया, उसी इलाके में ग्राम गोहावल में भी एक मशीन महीनों से बोरिंग कर रही है। दर्जनों अवैध बोरवेल खनन हो चुके हैं। प्रशासन को चाहिए कि वे इस पर कड़ी नजर रखें और सभी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करें ताकि जल संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके। पूरे जिले में जारी रोक के बावजूद अवैध बोरिंग रैकेट पर लगाम लगाने की प्रशासन की चुनौती बनी हुई है।




