दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा
बताया गया कि सूचनाकर्ता धरमपाल सिंह पिता रामलाल सिंह गोड़ उम्र 35 वर्ष साकिन उमरिया, थाना मझौली, जिला- सीधी ने दिनांक 18.11.2022 को थाना मझौली में उपस्थित होकर सूचना दिया कि उसके छोटे भाई की पत्नी अरूणा सिंह बिना सूचना के कहीं चली गई थी, जिसे आसपास के लोगों के साथ ढूढने पर उसकी भयाहू मृतिका अरूणा सिंह का शव क्षत-विक्षत हालत में उमरिया रेल्वे ट्रैक में पडा मिला, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतिका की मृत्यु ट्रेन से कटने से एवं अन्य कोई शक संदेह नहीं होने से मर्ग क्रमांक 214/2022 धारा 174 जा.फौ. कायम किया जाकर जांच में लिया गया। मृतिका के नवविवाहित होने से जाचं के दौरान मृतका के मायके पक्ष के व्यक्तियों के कथन लिये गये, जिनके कथनों से पाया गया कि मृतिका की शादी 16.05.2022 को जयलाल सिंह गोड पिता रामलाल सिंह गोड उम्र-25 वर्ष, निवासी उमरिया के साथ हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार हुई थी, शादी के बाद से मृतिका के पति आरोपी जयलाल सिंह द्वारा दहेज में कुछ न पाने व दहेज के रूप में फ्रिज व मोटर साईकिल मांगकर लाने को कहकर लगातार मारपीट कर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताडित करता था, उसकी प्रताड़ना से मृतिका ने क्षुब्ध होकर दिनांक 17.11.2022 की मध्य रात्रि रेल्वे ट्रेक उमरिया में जाकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है। प्रथम दृष्टया अपराध स्थापित पाये जाने पर अभियुक्त के विरूद्ध अपराध प्रमाणित पाये जाने पर थाना मझौली में प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 1210/2022 अन्तर्गत धारा 304बी, 498ए भा.दं.सं. एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3/4 के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुधत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 30/23 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्री बृजेश किशोर पाण्डेय द्वारा अभियुक्त जयलाल सिंह गोड़ उर्फ छोटू को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सीधी द्वारा आरोपी जयलाल सिंह गोड़ उर्फ छोटू तनय रामलाल सिंह गोड़ उम्र-25 वर्ष, निवासी ग्राम उमरिया, थाना मझौली, जिला-सीधी (म.प्र.) को भा.दं.सं. की धारा 304बी के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10,000/-रूपये के अर्थदण्ड एवं अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास , धारा 498ए भा.दं.सं. के तहत 1 वर्ष के सश्रम करावास एवं 5000/- रूपये के अर्थदण्ड एवं अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 3 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास तथा धारा-4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपये के अर्थदण्ड एवं अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 3 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया गया। प्रकरण के शीघ्र निराकरण में कोर्ट मोहर्रिर श्री अजमेर सिंह, आर. 566 द्वारा आवश्यमक सहयोग प्रदान करते हुए साक्षियों को समय-समय पर संमंस /वारण्ट् जारी कर माननीय न्यायालय के समक्ष आहूत कराया गया।


