सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत सीधी पुलिस का व्यापक साइबर जागरूकता अभियान, शहर से गांव तक लोगों को किया जागरूक

सीधी। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संचालित राज्यव्यापी ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को सीधी पुलिस ने जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान शहर, विद्यालयों, मंदिरों, ग्रामों, तहसील कार्यालयों एवं लोक सेवा केंद्रों में पहुंचकर छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, श्रद्धालुओं, अधिवक्ताओं, शासकीय कर्मचारियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी (आईपीएस) के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी तथा सभी एसडीओपी के पर्यवेक्षण में विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी निवेश योजनाओं तथा ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने पूजा पार्क में नागरिकों को जागरूक किया, जबकि मड़वास थाना पुलिस ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी दी। रामपुर नैकिन पुलिस ने ग्राम कुड़िया पवाई, जमोड़ी पुलिस ने पडरा शिव मंदिर, महिला थाना ने फूलमती माता मंदिर तथा भुईमाड़ पुलिस ने हनुमान मंदिर परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
इसी प्रकार सिहावल तहसील परिसर, कुसमी तहसील एवं लोक सेवा केंद्र तथा बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम पोंडी सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों को साइबर अपराधियों की नई-नई ठगी की तकनीकों से अवगत कराया गया। पुलिस टीमों ने लोगों से अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी ऐप और ओटीपी साझा करने से बचने की अपील की।
अभियान के दौरान राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को होल्ड कर वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत है। उन्होंने कहा कि ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के माध्यम से जिले के प्रत्येक नागरिक तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।




