पूर्व सचिव यज्ञनारायण 10 जून को बैठेंगे अनशन, आत्मदाह की चेतावनी

पूर्व सचिव यज्ञनारायण 10 जून को बैठेंगे अनशन, आत्मदाह की चेतावनी
सीधी। जिले के जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत अहिरान टोला के पूर्व सचिव यज्ञनारायण तिवारी अब 10 जून 2025 को सीधी में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समीप अनशन बैठने सहित आत्मदाह करने की चेतावनी दिए हैं। उन्होने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत सीईओ सहित तमाम विभागीय अमले को यह जानकारी दे चुके हैं। कलेक्टर की जनसुनवाई में भी आज मुख्यमंत्री के नाम शिकायती पत्र में यज्ञनारायण तिवारी ने कहा कि मैं ग्राम अहिरान टोला थाना, तहसील रामपुर नैकिन का निवासी हूं ।मैं ग्राम पंचायत सचिव पद पर सन् 1995 से 2 जनवरी 2019 तक पदस्थ था, मुझे षड्यंत्र पूर्वक बिना किसी जांच, बिना किसी प्रमाण के जनपद पंचायत के तत्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामपुर नैकिन द्वारा निजी द्वेष वश फर्जी तरीके से प्रतिवेदन बनवाकर पद से पृथक करवा दिये थे। उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार 90 दिन होने पर मैं विवश होकर सीधी में ही भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के सामने आमरण अनशन पर बैठूंगा। यदि निष्पक्ष कार्यवाही नहीं हुई तो आत्मदाह भी कर लूंगा।दरअसल बात यह है की यज्ञनारायण तिवारी पूर्व सचिव ग्राम पंचायत अहिरान टोला में नियुक्त होकर ग्राम पंचायत के विकास में जितना बन सका योगदान दिया। फिर 7 नवंबर 2014 क़ो स्थानांतरण हो जाने से ग्राम पंचायत कुशमहर क़ो चले गए औऱ अहिरान टोला में सकसूदन बैगा की पदस्थापना हो गयी थी। दोनों सचिव अपने -अपने पंचायत का कार्य सम्हाल लिए थे। इसके बाद 25 सितंबर 2017 क़ो फर्जी प्रकरण में जेल चले गए तो जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के तात्कालिक सीईओ प्रभात मिश्रा ने सचिवों की बैठक दिनांक 27 सितंबर 2017 में अपशब्द बोलकर बेइज्जती की थी ज़ब तिवारी 7 अक्टूबर 2017 क़ो जमानत से बाहर आये तो साथी सचिबो से पता चला की सीईओ साहब आपको बहुत जलील किये थे। इसी बात क़ो लेकर प्रभात मिश्रा सीईओ से कहासुनी हो गई।उन्होंने अहिरान टोला के रोजगार सहायक से मिलकर ऐसा षड्यंत्र रचा की तिवारी क़ो नौकरी से टरमिनेट करवा दिये जिसकी अपील की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय जबलपुर ने 18 पेजो मे फैसला दिया।अंतिम के तीन पेजो में कहा गया है कि इन सभी आवश्यकताओं का इस मामले में घोर उल्लंघन किया गया है। याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गंभीर प्रकृति को देखते हुए उसे उचित अवसर दिया जाना चाहिए था। उक्त निर्णय के अनुसार सीईओ द्वारा की गई जांच द्विपक्षीय नहीं थी। चूंकि मामले में मप्र पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के तहत अनिवार्य प्रावधान का पालन नहीं किया गया है, इसलिए याचिकाकर्ता की सेवाएं समाप्त करने का विवादित आदेश टिकाऊ नहीं है। याचिका डब्ल्यूपी-23984-2021 तटस्थ , दूसरी रिपोर्ट से पता चलता है कि कार्य किया गया था, इस तथ्य के साथ कि 1999 के नियम 7 के तहत परिकल्पित प्रक्रिया का अधिकारियों द्वारा पालन नहीं किया गया है, यह न्यायालय इस याचिका को अनुमति देने के लिए उपयुक्त समझता है। संपूर्ण प्रक्रिया इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तिथि से 90 दिनों की अवधि के भीतर पूरी की जानी चाहिए। जहां तक याचिकाकर्ता की बहाली का संबंध है, चूंकि याचिकाकर्ता को 2021 से कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई थी और याचिकाकर्ता पहले से ही नौकरी से बाहर है, इसलिए यह न्यायालय याचिकाकर्ता को संबंधित पद पर बहाल करने का निर्देश देना उचित नहीं समझता है। अंतिम आदेश पारित करते समय अनुशासनात्मक प्राधिकारी याचिकाकर्ता की बहाली के पहलू पर भी विचार करेगा और उस पर उचित आदेश पारित करेगा। पीड़ित यज्ञनारायण तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार 10 जून 2025 क़ो समय बीत जायेगा औऱ आज तक कोई सार्थक पहल नहीं की गयी जिस कारण मैं 10 जून 2025 से आमरण अनशन बैठकर अपने प्राण त्यागने का निर्णय लिया हूं जिसकी प्रति मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश,कलेक्टर सीधी, पुलिस अधीक्षक सीधी,सीईओ जिला पंचायत सीधी क़ो दे चुका हूं।




