अभियोक्त्री का अपहरण करने वाले आरोपी को सजा: कोर्ट ने सुनाई 2 वर्ष की कठोर कारावास की सजा

सीधी (मध्यप्रदेश), 22 मई: अभियोक्त्री का अपहरण करने वाले आरोपी को सजा* सुनाते हुए न्यायालय ने 21 वर्षीय युवक को दो वर्ष के कठोर कारावास और ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया। यह मामला 2018 में दर्ज हुआ था, जब ग्राम सजवानी की एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी।
अभियोक्त्री का अपहरण करने वाले आरोपी को सजा दिलाने में अभियोजन की अहम भूमिका
अभियोजन के सहायक मीडिया सेल प्रभारी श्री ओमप्रकाश बागरी ने बताया कि फरियादिया ने 17 अगस्त 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी घर पर अकेली थी और वह मजदूरी करने अमिलिया बाजार गई थीं। शाम लौटने पर बेटी गायब मिली। कई जगहों पर खोजबीन करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
अभियोक्त्री का अपहरण करने वाले आरोपी को सजा: विवेचना में हुआ खुलासा
जांच में सामने आया कि अभियोक्त्री उस दिन अपनी सहेली के साथ धान लगाने खेत गई थी, जहां उसकी मुलाकात आरोपी गजरहा निवासी युवक से हुई, जिसे वह डेढ़ वर्ष से जानती थी। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर चितरंगी ले गया। मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
अभियोक्त्री का अपहरण करने वाले आरोपी को सजा: न्यायालय ने दोषी माना
माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सीधी की अदालत में अभियोजन की ओर से श्री गरूण कुमार कोल ने सशक्त पैरवी की। प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों के आधार पर आरोपी को संदेह से परे दोषी प्रमाणित किया गया और धारा 363 भा.द.सं. के अंतर्गत सजा सुनाई गई।
अभियोक्त्री का अपहरण करने वाले आरोपी को सजा: नाबालिगों की सुरक्षा की दिशा में सख्त संदेश
यह फैसला समाज में यह संदेश देता है कि नाबालिगों के अपहरण जैसे गंभीर अपराधों पर कानूनी कार्रवाई से कोई बच नहीं सकता। यह न्याय का एक मजबूत उदाहरण है, जो पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित हुआ है।




