18 दिवसीय फगुआ जोहार के चौदहवें दिन बकवा के कलाकारों ने अमहा में दी फाग की प्रस्तुति

18 दिवसीय फगुआ जोहार के चौदहवें दिन बकवा के कलाकारों ने अमहा में दी फाग की प्रस्तुति
*फगुआ जोहार में शामिल हुए शहर के लोग*
*इन्द्रवती नाट्य समिति द्वारा आयोजित फगुआ जोहार की अमहा में रही बहार*
*फगुआ जोहार है पारंपरिक अनुष्ठान – डॉ.अनूप*
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी-18 दिवसीय फगुआ जोहार के चौदह दिन पूरे हुए और उत्साह बढ़ रहा है लोग अपने अपने गांव व घर में फगुआ जोहार का आमंत्रण देने लगे हैं,पर दिन कम पड़ते जा रहे हैं 14 दिन कैसे बीत गए पता ही नहीं चला मानो फाग महोत्सव आस्था और विश्वास का पारंपरिक अनुष्ठान बन चुका है फाग महोत्सव के चौदहवें दिन आयुर्वेदिक अस्पताल अमहा के पास रमेश गुप्ता के घर में फगुआ जोहार की अद्भुत बहार देखने को मिली जहां भारी संख्या में शहर के लोग शामिल होकर फगुआ जोहार का आनंद लिए।महोत्सव को लेकर लोगों में काफ़ी उत्साह देखने को मिला, जो परंपरा विलुप्त होती जा रही थी अब धीरे धीरे अपने अस्तित्व में आ रही है।कार्यक्रम में बतौर कलाकर कला प्रेमी रजनीश कुमार जयसवाल, प्रजीत कुमार साकेत, रावेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, रामनरेश सिंह, राम सिंह, शिवनंदन सिंह, चंद्रभान सिंह, जगन्नाथ जायसवाल, महेंद्र सर्राफ,रमेश कुमार गुप्ता, महेंद्र सराफ, संजय सिंह सहित कई लोगों की उपस्थिति रही। फाग गायन की अद्भुत प्रतिभा वाले बकवा के लोक कलाकारों ने अपनी अद्भुत गायकी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं जब समिति के संरक्षक डॉ अनूप मिश्र से महोत्सव के आयोजन की चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि फगुआ जोहार बघेलखंड के साथ साथ सम्पूर्ण भारत का पारंपरिक अनुष्ठान है जो अपना अस्तित्व खोता जा रहा था इसलिए इन्द्रवती नाट्य समिति ने इस परंपरा को हमेशा हमेशा कायम रखने के उद्देश्य से फगुआ जोहार “फाग महोत्सव” शुरू किया जिसे लोगों का काफ़ी समर्थन मिल रहा है।




