अवयस्क अभियोक्त्री के साथ बलात्कार करने के सनसनीखेज मामले में आरोपी को आजीवन कठोर कारावास एवं 25,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा*:

:*अवयस्क अभियोक्त्री के साथ बलात्कार करने के सनसनीखेज मामले में आरोपी को आजीवन कठोर कारावास एवं 25,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा*:
बताया गया कि दिनांक 11.02.2022 को शाम करीबन 05:00 बजे अवयस्क अभियोक्त्री अपने घर से बाहर शौच करने के लिये गई थी। रास्ते में उसे उसके गांव का विपिन जायसवाल मिला और उसे जबरदस्ती पकडकर अरहर के खेत में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। दर्द के कारण अभियोक्त्री रो रही थी, तब अभियुक्त ने उसे दो-तीन मुक्का मारा और उसके बाद वहां से भाग गया। अभियोक्त्री ने अपने घर जाकर सारी बात अपने मम्मी पापा एवं चाचा को बतायी। अगली सुबह अभियोक्त्री थाना चुरहट में अभियुक्त के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने आयी, जिस पर पुलिस द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध अपराध क्र. 86/22 अंतर्गत धारा 376, 323 भा.द.सं., धारा 3/4 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) एवं 3(1)(w)(i) का अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना में लिया गया। श्रीमान् पुलिस अधीक्षक सीधी द्वारा उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिन्हित किया गया। प्रकरण में विवेचना उपरांत अभियोग पत्र तैयार कर माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट ) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 50/22 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा द्वारा अभियुक्त को दोषी प्रमाणित कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपी प्रदीप उर्फ विपिन जायसवाल तनय सियाशरण जायसवाल उम्र 21 वर्ष को ¾(2) पॉक्सो एक्ट के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000/- रू. अर्थदण्ड एवं 3(2)(v) scst act के आरोप में आजीवन कारावास एवं 10,000/- रू. अर्थदण्ड एवं 3(1)(w) (i) scst act के आरोप 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया। सभी सजाएं एक साथ भुगताये जाने का आदेश पारित किया गया। साथ ही अर्थदण्ड की सजा की संपूर्ण राशि 25,000/- रूपये अभियोक्त्री को अपील अवधि पश्चात् अपील न होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति स्वरूप प्रदान किये जाने का भी आदेश पारित किया गया।
मीडिया सेल प्रभारी
जिला अभियोजन कार्यालय, सीधी (म.प्र.)




