अवयस्क अभियोक्त्री से छेडछाड के मामले में आरोपी को 05 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

अवयस्क अभियोक्त्री से छेडछाड के मामले में आरोपी को 05 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा
बताया गया कि अवयस्क अभियोक्त्री ने अपनी मां एवं चाचा के साथ थाना आकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 18.06.2022 को शाम करीबन 4 बजे वह अपने भाई बहनों के साथ गांव के मंदिर गई थी तब वहां पर एक आदमी जिसे वहां लोग बाबूलाल मिश्रा के नाम से बुला रहे थे, मंदिर के अंदर से निकलकर आया और उसके सामने खड़ा हो गया और फिर उसे जबरदस्ती गोदी में उठाकर मंदिर के एक कमरे में ले गया और अंदर ले जाकर उसकी लैगी नीचे खिसका दिया और जबरदस्ती गंदी नियत से उसकी चड्डी के अंदर हाथ डाला। घटना के बारे में घर आकर उसने सारी बात अपनी दादी को बतायी। अभियोक्त्री की उक्त रिपोर्ट पर पुलिस थाना अमिलिया में अपराध क्रमांक 318/2022 दिनांक 18.06. 2022 धारा 354 भा.द.सं. एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 9एम 10 के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध धारा 354 भा.दं.सं. एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 9एम/10 के अन्तर्गत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 10/23 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा द्वारा आरोपी को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सीधी के द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी बाबूलाल मिश्रा तनय लक्ष्मीनारायण मिश्रा, उम्र 52 वर्ष, निवासी ग्राम भुअरी, थाना व तहसील हनुमना, जिला मउगंज (म.प्र.) को धारा 354 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000/- रू. अर्थदण्ड एवं धारा 9एम/10 पॉक्सो एक्ट में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया। साथ ही अर्थदण्ड की धनराशि रूपये 2,000/- रूपये (दो हजार रूपये मात्र) अभियोक्त्री को धारा 357(1)(बी) द.प्र.स. के प्रावधानों के अनुसार अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किये जाने का भी आदेश पारित किया गया।


