अस्पताल के निजीकरण से निजी हाथों में कैद हो जाएगी चिकित्सा सुविधा -उमेश तिवारी

अस्पताल के निजीकरण से निजी हाथों में कैद हो जाएगी चिकित्सा सुविधा -उमेश तिवारी
सीधी। जिला अस्पताल बचावा, जिउ बचावा संघर्ष मोर्चा द्वारा आज सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहावल के सामने अस्पताल बचावा जिउ बचाव सत्याग्रह का आयोजन किया गया। सत्याग्रह में क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थिति रहे।
अस्पताल बचावा जिउ बचाव सत्याग्रह में आए ग्रामीणों के समक्ष अपनी बात रखते हुए टोंको-रोंको-ठोंको क्रन्तिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि सीधी जिले में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जिला अस्पताल का निजीकरण करना स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार या अच्छी सेवाओं की गारंटी नहीं है बल्कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर करने की दिशा मे एक बड़ा कदम होगा और यह जिले की जनता को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं से दूर करनें में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान को निजी हाथों मे देने से पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में मुश्किलें होगी तथा जिले के नागरिकों की चिकित्सा सुविधा निजी हाथों में कैद होगी।
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए अधिवक्ता राजेंद्र जायसवाल जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग ने कहा कि घर की संपत्ति यदि लड़का बेचने लगे तो समझ लेना लड़का निकम्मा है। इसी तरह मौजूदा सरकार सब कुछ बेच रही है ऐसी सरकार को शर्म आनी चाहिए कि अब गरीब की उम्मीद अस्पताल को भी बेचने पर उतारू है। अपनी बात रखते हुए जगजीवन प्रसाद पटेल जनपद सदस्य ने कहा कि सीधी जिले में सबसे ज्यादा गरीब ओबीसी हरिजन आदिवासी रहते हैं जिला अस्पताल के निजीकरण से गरीब दवाई से वंचित होंगे। पूर्व जनपद सदस्य निसार आलम ने कहा कि निजीकरण और सरकारी का फर्क इसी से लगाया जा सकता है कि जब राज्य परिवहन की बस चलती थी तो किराए में इस तरह लूट नहीं होती थी जैसे अब प्राइवेट बस मालिक टैक्सी और ऑटो वाले लूट रहे हैं। सत्याग्रह धरने का संचालन हरि कुमार माझी प्रदेश अध्यक्ष माझी समाज नें किया।




