डीएलसीसी-डीएलआरसी बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश, सितंबर तक 60% ऋण लक्ष्य पूरा करें बैंक

सीधी। जिला पंचायत सभागार में कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की मार्च-2026 तिमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, ऋण वितरण, क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो में सुधार तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने सभी बैंक शाखाओं को अग्रिम ऋण वितरण बढ़ाकर जिले के सीडी रेशियो में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के आर्थिक विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार, कृषि एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों को गति दी जानी चाहिए।
उन्होंने नगर पालिका, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), मत्स्य, उद्यानिकी तथा पशुपालन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सितंबर तिमाही के अंत तक कम-से-कम 60 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बैंक शाखाओं को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वहीं, कमजोर प्रदर्शन करने वाली अथवा योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं लेने वाली बैंक शाखाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक ए.बी. चौधरी ने बताया कि जिले ने पिछले वित्तीय वर्ष में वार्षिक साख योजना के 113 प्रतिशत लक्ष्य की उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। कलेक्टर ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए इस वर्ष भी बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने पर जोर दिया।
भारतीय रिजर्व बैंक, भोपाल के एलडीओ अंकुश सिन्हा ने आरबीआई की नीतियों के अनुरूप अग्रिम ऋण वितरण बढ़ाने और बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने का सुझाव दिया। वहीं नाबार्ड के डीडीएम देवेश सिंह ने कृषि एवं अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने पर बल दिया, ताकि किसानों, उद्यमियों और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का अधिक लाभ मिल सके।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि अमित प्रधान, विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड के प्रतिनिधि, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित जिले के सभी बैंक समन्वयक एवं बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी, समावेशी और परिणामोन्मुख बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।




