पशुपालन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कलेक्टर सख्त, गोशालाओं के नियमित निरीक्षण के निर्देश
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर, कमजोर प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

सीधी। कलेक्टर विकास मिश्रा ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र पशुपालक तक पहुंचना चाहिए।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विभागीय रिपोर्टिंग सिस्टम को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी विभागीय पोर्टल पर समय-सीमा के भीतर अपडेट की जाए। रिपोर्टिंग में लापरवाही या विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने सेक्टरवार नियमित समीक्षा करने और कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं।
बैठक में जिले की गोशालाओं के संचालन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो से तीन गोशालाओं का निरीक्षण करें तथा पशुओं के स्वास्थ्य, चारा, पेयजल, स्वच्छता और रखरखाव की व्यवस्थाओं का परीक्षण कर कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से गांव-गांव पहुंचकर हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने को कहा।
कलेक्टर ने दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान की समीक्षा करते हुए वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित पशु आहार, उन्नत नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, समयबद्ध टीकाकरण और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बने।
बैठक में उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. राजेश सोनी सहित जिले के सभी खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले में पशुपालन एवं डेयरी विकास को गति देने का आह्वान किया।




