मऊगंज में शराब माफिया का काला कारोबार, पुलिस की चुप्पी से ग्रामीणों में आक्रोश

मऊगंज। नईगढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम अतरैला में अवैध शराब कारोबार खुलेआम चल रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। गांव के लोग पिछले सात वर्षों से इस काले कारोबार का विरोध कर रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की चुप्पी और कथित मिलीभगत ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
मऊगंज में शराब माफिया के आगे बेबस पुलिस?
ग्रामीणों का कहना है कि देवा साकेत उर्फ हीरालाल साकेत और उसका परिवार वर्षों से शराब बेचने का काम कर रहा है। अष्टभुजी मंदिर से करीब दो किलोमीटर अंदर यह धंधा संचालित होता है। ग्रामीणों ने कई बार नईगढ़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार उन्हें कार्रवाई की जगह धमकियां दी गईं।
मऊगंज में शिकायतकर्ताओं को मिली धमकी
गांव के लोगों का आरोप है कि पुलिस अधिकारी बार-बार धमकी देते हैं कि अगर दोबारा शिकायत लेकर आए तो कार्रवाई की जगह जेल भेज देंगे। यही नहीं, हीरालाल साकेत खुलेआम कहता है कि वह हर महीने पुलिस को पैसा पहुंचाता है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
मऊगंज के ग्रामीणों ने की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि अब तक सीएम हेल्पलाइन पर 100 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। लेकिन हर बार संबंधित अधिकारियों ने शिकायतों को दबा दिया और उल्टा शिकायत करने वालों को ही डरा-धमकाकर मामला रफा-दफा कर दिया।
मऊगंज में ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि शराब की बिक्री से अपराध, झगड़े और सामाजिक बुराइयाँ तेजी से बढ़ रही हैं। परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है, महिलाएं परेशान हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। अब ग्रामीणों ने उच्च प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंग




