अवयस्क बालिका के साथ दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास

अवयस्क बालिका के साथ दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास
इंदौर :- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 25.07.2024 को माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सुश्री सविता जडिया, इंदौर, जिला इंदौर (मध्य प्रदेश) ने थाना संयोगितागंज, इंदौर के विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 50 /2022 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी सोनू करोसिया आयु 33 वर्ष, निवासी इंदौर को धारा 376 –एबी, धारा 376(2) (एन) तथा 5 (एम)/6 एवं 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन सश्रम कारावास व धारा 506 (भाग 2) भा.दं.सं. में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 4500/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में जिला अभियोजन के निर्देशन पर अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक/अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी, इंदौर श्री संजय मीणा द्वारा की गई।
नोट :- न्यायालय द्वारा पीडि़त बालिका को 200000/- रुपये की राशि प्रतिकर के रूप में दिलाये जाने की अनुशंसा की गई।
अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 14.12.2021 को ड्यूटी के दौरान उपनिरीक्षक थाना संयोगितागंज को बाल कल्याण समिति इंदौर की सदस्य का फोन आया कि उसके थाने के अंतर्गत नवलखा बस स्टेण्ड के पास रहने वाली पीड़िता के साथ आरोपी सोनू ने दुष्कर्म किया है, वह उनकी ऑफिस आए और कार्यवाही करें तब थाने से उपनिरीक्षक सी.डब्ल्यू.सी. ऑफिस पहुंची, जहां पीड़िता ने बताया कि वह, उसकी छोटी बहन एवं मां अटाला बीनने का काम करते हैं। जब उसकी मां अटाला बीनने जाती थी तब उसके घर से थोड़ी दूर कॉम्प्लेक्स के सामने सोनू अपनी झोपड़ी में दोनों बहनों को बुलाता था और उसके कपड़े उतरवा लेता एवं उसके साथ गलत काम (दुष्कर्म) करता था। सोनू ने कई बार उसके साथ गलत काम किया। सोनू गलत काम करने के बाद उसे 10 रुपए देकर भगा देता था और उसे धमकाया था कि यह बात किसी को बताई तो दोनों बहनों को जान से मार देगा। पीड़िता के कथन के आधार पर धारा 376-एबी, 376 (2) (एन), 506 भा.द.सं. एवं धारा 5 (एम), 5 (एल), 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 अभियुक्त सोनू के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया तथा उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। संपूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिस पर से अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया।




