*_अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण, मोहन यादव सरकार का ऐलान 4 साल बाद बनेंगे एमपी पुलिस के जवान_

*_अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण, मोहन यादव सरकार का ऐलान 4 साल बाद बनेंगे एमपी पुलिस के जवान_*
भोपाल। केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व अग्निवीर जवानों को केन्द्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों में आरक्षण के फैसले के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी इसको लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. कारगिल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में होने वाली पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अग्निवीर जवान की योजना सच्चे अर्थों में सैनिक के आधुनिकरण के साथ-साथ योग्य सैनिकों की भर्ती के अलावा वैश्विक स्तर पर सेना को युवा बनाने की योजना है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो संकल्प लिया है, उसका अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार भी उनकी भावना के साथ मिलकर काम करेगी.
मध्य प्रदेश के पहले यूपी भी कर चुका ऐलान
मध्य प्रदेश सरकार के साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी ऐसा ही निर्णय ले चुकी है. उधर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ऐलान के बाद मध्य प्रदेश में भी 4 साल बाद रिटायर्ड होने वाले अग्निवीर जवानों को राज्य सरकार की भर्तियों में आरक्षण दिया जाएगा. यह आरक्षण पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल की भर्ती में दिया जाएगा. सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेश में होने वाली भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को इसका लाभ मिल सकेगा.
उधर ब्रिगेडियर विनायक पुलिस सेवा में अग्निवीरों को दिए जा रहे आरक्षण के फैसला का स्वागत करते है, लेकिन एक सवाल के साथ वे कहते हैं, ‘देखिए ये तो अग्निवीर योजना लागू होने के साथ ही केन्द्र सरकार की ओर से कहा गया था कि राज्य सरकारें उनका रीसेटलमेंट करें. ये मुमकिन है कि आरक्षण उसी का हिस्सा हो. मेरा सवाल ये है कि क्या राज्य सरकारें गारंटीड अग्निवीरों का रीसेटलमेंट करेंगी, क्योंकि अगर अग्निवीरों को आरक्षण दिया जा रहा है, तो फिर उसमें कोई और कंडीशन नहीं होना चाहिए, क्योंकि आम तौर पर पुलिस में फौजियों की भर्ती इतनी सहजता से हो नहीं पाती है.’
केन्द्र सरकार किया 10 फीसदी आरक्षण का फैसला
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना को और प्रभावी बनाने के लिए केन्द्र की मोदी सरकार ने पूर्व अग्निवीर जवानों को आरक्षण देने का निर्णय लिया है. इसके तहत बीएसएफ, सीआईएसएफ में अग्निवीरों को 10 फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा. इसको केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. दरअसल, 4 साल बाद रिटायर्ड होने वाले अग्निवीर जवानों के भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष द्वारा भी इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अग्निवीर योजना पिछले चार साल के कॉन्ट्रैक्ट पर सेना, नौसेना और भारतीय वायुसेना में भर्ती करने के लिए शुरू की गई है. इस योजना में प्रावधान है कि 6 माह की ट्रेनिंग के बाद चार साल बाद 25 फीसदी अग्निवीर जवानों को नियमित किया जाएगा.




