देयकों में हेरफेर और भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन पर लेखापाल निलंबित

रीवा। देयकों में कथित हेरफेर, भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामले में रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने लेखापाल आशुतोष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई कलेक्टर सतना के प्रस्ताव के आधार पर की गई है।
आशुतोष मिश्रा पूर्व में माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर सोहावल में लेखापाल शाखा प्रभारी थे और वर्तमान में शासकीय आदिवासी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भमरहा, रामनगर, जिला मैहर में पदस्थ थे। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय मैहर निर्धारित किया गया है।
जांच में आरोप है कि गणपति ट्रेडर्स के देयक में काट-छांट कर बदली हुई राशि प्रस्तुत की गई, जबकि प्राचार्य के हस्ताक्षर भी संदिग्ध पाए गए। इसके अलावा सब्जी खरीदी के लिए बिना तारीख वाले कोटेशन प्राप्त कर उन्हें स्वयं हस्ताक्षर से खोला गया।
मामले में यह भी सामने आया कि प्राचार्य के स्थान पर जिला कार्यालय से क्रय आदेश जारी कराया गया। वहीं पहले भुगतान किए जा चुके सब्जी देयकों को दोबारा भुगतान के लिए प्रस्तुत किए जाने की भी अनियमितता पाई गई।
इन मामलों को गंभीर वित्तीय अनियमितता, लापरवाही और स्वेच्छाचारिता मानते हुए कमिश्नर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में आशुतोष मिश्रा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।




