बैंक ऋण चुकाने में लापरवाही पर सख्ती, डिफॉल्टर कर्मचारियों के वेतन से होगी कटौती

सीधी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सीधी के प्रशासक एवं कलेक्टर विकास मिश्रा ने बैंक ऋण की समीक्षा बैठक में ऋण अदायगी में लापरवाही बरतने वाले शासकीय कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि डिफॉल्टर कर्मचारियों से सात दिनों के भीतर बकाया ऋण की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित कराई जाए।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि विभिन्न शासकीय विभागों के कई कर्मचारियों ने बैंक से लिए गए ऋण की किश्तें लंबे समय से जमा नहीं की हैं, जिसके कारण उनके ऋण खाते ओवरड्यू (एनपीए) की श्रेणी में पहुंच गए हैं। इससे बैंक की वित्तीय स्थिति और नए ऋण वितरण की क्षमता प्रभावित हो रही है।
कलेक्टर ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर सात दिवस के भीतर बकाया राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों के लिए वित्तीय अनुशासन का पालन करना आवश्यक है और समय पर ऋण चुकाना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में ऋण का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित विभाग कर्मचारियों के आगामी माह के वेतन से नियमानुसार बकाया राशि की सीधी कटौती कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के खाते में जमा कराएंगे। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी कहा गया कि सहकारी बैंक किसानों, स्व-सहायता समूहों और आम नागरिकों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए ऋण की समय पर वसूली बैंक की वित्तीय मजबूती और नए ऋण वितरण के लिए आवश्यक है।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को ऋण वसूली की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बैंक के एनपीए में कमी लाना और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।




