रीवा : गिरने को तैयार स्कूल में चल रही कक्षाएं — शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन!

रीवा : सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक शाला टीकैतन पुरवा का भवन अब 28 मासूम बच्चों के लिए खतरे का घर बन चुका है। कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चे रोज़ गिरते प्लास्टर और जर्जर छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। पिछले दो सालों से लगातार शिकायतों के बावजूद शिक्षा विभाग और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
स्कूल की हालत इतनी खराब है कि दीवारें दरक चुकी हैं और छत से लोहे की छड़ें बाहर झाँक रही हैं। बरसात के मौसम में पानी कमरे में भर जाता है और कई बार बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ना पड़ता है। शिक्षकों के मुताबिक, एक बार गिरते प्लास्टर ने टेबल तक तोड़ दी थी। सुरक्षा के डर से कई अभिभावक अब बच्चों को स्कूल भेजने से भी हिचक रहे हैं।
कलेक्टर से शिकायत, लेकिन सिर्फ आश्वासन
1998 से स्कूल में पदस्थ शिक्षक विक्रमादित कोरी ने बताया कि उन्होंने बीआरसी, सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर तक कई बार लिखित शिकायतें भेजीं। बावजूद इसके, हर जगह से उन्हें केवल आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं। न भवन की मरम्मत हुई, न नया निर्माण शुरू हुआ।
मिड डे मील पर भी सवाल
छात्रों ने मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की है। बच्चों का कहना है कि मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और ज्यादातर “काली भात” या “कड़ी भात” ही परोसा जाता है, जबकि पौष्टिक भोजन की व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रशासन के लिए सवाल अब यही है कि आखिर कब ये लापरवाही खत्म होगी और इन 28 मासूमों की सुरक्षा व भविष्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?




