दमोह कलेक्टर बदलाव: 46 साल बाद महिला अफसर की एंट्री, लेकिन सिर्फ 10 दिन का मौका!

दमोह कलेक्टर : 46 साल बाद महिला अफसर ने जिले की कमान संभाली है. आईएएस मिशा सिंह को शासन ने 10 दिनों के लिए प्रभारी कलेक्टर नियुक्त किया है. इससे पहले 1979 में ताजवर रहमान ही दमोह कलेक्टर पद पर महिला अधिकारी रहीं थीं. मौजूदा कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के विदेश यात्रा पर जाने के बाद यह अस्थायी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
दमोह कलेक्टर के इतिहास में खास बदलाव
दमोह जिले की स्थापना 1 अक्टूबर 1956 को हुई थी और पहले कलेक्टर एसएन रावरा थे. तब से लेकर अब तक अधिकांश पुरुष अधिकारियों ने जिले की कमान संभाली. लेकिन 1979 में ताजवर रहमान पहली बार दमोह कलेक्टर बनीं और 1980 तक पदस्थ रहीं. उसके बाद आज तक किसी महिला अधिकारी को यह जिम्मेदारी नहीं मिली थी.
दमोह कलेक्टर के रूप में मिशा सिंह की नियुक्ति
2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह वर्तमान में जबलपुर में अपर कलेक्टर पद पर कार्यरत हैं. उन्हें 10 दिनों के लिए दमोह कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि जिले की सभी विकास योजनाओं को बिना रुकावट जारी रखा जाएगा.
दमोह कलेक्टर से जुड़ी विकास संभावनाएं
नवनियुक्त प्रभारी कलेक्टर मिशा सिंह ने कहा कि दमोह जिले में विकास की कई संभावनाएं मौजूद हैं. उनकी प्राथमिकता शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना और प्रशासनिक स्तर पर बेहतर परिणाम देना होगा.
दमोह कलेक्टर के रूप में दूसरा महिला अध्याय
46 वर्षों के बाद किसी महिला अफसर को दमोह कलेक्टर की कुर्सी पर देखा जा रहा है. भले ही यह जिम्मेदारी कुछ समय के लिए हो, लेकिन यह नियुक्ति जिले के प्रशासनिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ती है.




