सीधी नहर विवाद: पानी भरपूर, लेकिन खेत सूखे – किसानों का गुस्सा उफान पर, आंदोलन की चेतावनी

सीधी नहर : जिले में नहरों में पानी होने के बावजूद धान की फसलें सूख रही हैं। सिहावल नहर से निकली बघवार उप-नहर कई गांवों तक सिंचाई पहुंचाने में नाकाम है। अतिक्रमण, खरपतवार और विभागीय लापरवाही के कारण पानी खेतों तक नहीं पहुँच पा रहा, जिससे किसान नाराज हैं।
सीधी नहर से जुड़ी उप-नहरों की उपेक्षा
बघवार, पकरिहा, चोरगड़ी, रघुनाथपुर और बुढगौना सहित कई ग्राम पंचायतों की करीब 85 हजार हेक्टेयर जमीन धान की खेती पर निर्भर है। किसानों ने बताया कि सीधी नहर की उप-नहरों की वर्षों से सफाई और मरम्मत नहीं की गई। खासतौर पर बघवार से बुढगौना तक की नहर का 10 सालों से रखरखाव नहीं हुआ, जिससे अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुँचता।
सीधी नहर न पहुँचने से धान की फसल पर संकट
चोरगड़ी और बुढगौना के किसानों ने कहा कि फसलें पीली पड़ चुकी हैं। अगर इस हफ्ते तक पानी नहीं मिला तो पूरी धान की फसल नष्ट हो जाएगी। किसान उपेंद्र शुक्ला ने चेतावनी दी – “अगर समाधान नहीं हुआ तो हम सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने धरना देंगे, एनएच-39 जाम करेंगे और मजबूरी में आत्मदाह तक करेंगे।”
सीधी नहर से सिंचाई विभाग पर सवाल
किसानों का आरोप है कि हर सीजन में समस्या उठाई जाती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। इस बार बारिश भी कम हुई, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। खेतों में दरारें पड़ गई हैं और नई धान की रोपाई सूखने लगी है।
सीधी नहर सफाई पर विभाग का जवाब
बाणसागर नहर के इंजीनियर मनोज मिश्रा ने कहा कि “जब किसान लिखित में आवेदन देंगे तब नहर से पानी छोड़ा जाएगा। जिन उप-नहरों की सफाई नहीं हुई है, वहां जल्द सर्वे कराकर सफाई कराई जाएगी।”




