500 किलो गांजा कांड: 6 साल बाद आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की धुआंधार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप!
500 किलो गांजा कांड: 6 साल बाद आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की धुआंधार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप!

नई दिल्ली: 500 किलो गांजा तस्करी केस में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 6 साल बाद मास्टरमाइंड जमील अहमद को गिरफ्तार कर तस्करों के नेटवर्क में खलबली मचा दी है। यह गिरफ्तारी पुलिस के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत की गई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
500 किलो गांजा तस्करी केस से जुड़ा था मास्टरमाइंड
500 किलो गांजा तस्करी केस साल 2019 का है, जब दिल्ली के कश्मीरी गेट मेटकॉफ बस अड्डा पर पुलिस ने एक ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया था। इस दौरान तीन आरोपियों असलम खान, मौसम खान (नूंह, हरियाणा) और जाकम खान (अलवर, राजस्थान) को मौके से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस गांजे की सप्लाई के पीछे जमील अहमद का हाथ था, जो उड़ीसा से गांजा मंगवाकर सिंडिकेट चलाता था।
500 किलो गांजा केस में आरोपी पर पहले ही चार्जशीट, लेकिन था फरार
500 किलो गांजा केस में पुलिस ने जमील अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन वह लगातार फरार रहा। अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि उसकी कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है ताकि पूरे तस्कर नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। आखिरकार पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 8 मई 2025 को उसे नूंह जिले के पिनगवां गांव से गिरफ्तार कर लिया।
500 किलो गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाने
500 किलो गांजा तस्करी केस में गिरफ्तारी से बचने के लिए जमील अहमद ने मुंबई में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी कर ली थी और बार-बार मोबाइल नंबर बदलता रहता था ताकि पुलिस की पकड़ में न आए। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
500 किलो गांजा केस में उड़ीसा कनेक्शन से खुला बड़ा नेटवर्क
500 किलो गांजा केस की पूछताछ में जमील अहमद ने कबूला कि उसने गांजा उड़ीसा के गजपति जिले के गैब्रियल और पॉल नामक तस्करों से खरीदा था। गैब्रियल पर 2020 में 17 करोड़ रुपये की गांजा खेती का केस दर्ज हुआ था और वह अब भी फरार है। पुलिस अब गैब्रियल और पॉल की तलाश कर रही है ताकि इस नेटवर्क की पूरी जड़ तक पहुंचा जा सके।




