बलात्कार के चिन्हित मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

बलात्कार के चिन्हित मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
बताया गया कि दिनांक 14.07.2021 को अवयस्क अभियोक्त्री अपने घर से कपड़ा सिलाने जाने का कहकर गई थी लेकिन वापस घर नहीं आयी, पास-पड़ोस व नाते रिश्तेदारी में पता किया लेकिन नहीं मिली तब अभियोक्त्री के पिता ने उसकी नाबालिग पुत्री अभियोक्त्री को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के संबंध में थाना कुसमी में रिपोर्ट लिखायी जिसके आधार पर थाना कुसमी में अज्ञात के विरूद्ध गुमशुदा व्यक्ति पंजीकरण क्रमांक 004/21, प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 0105/2021 दिनांक 17.07.2021 अंतर्गत धारा 363 भा.दं.सं. पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 22.07.2021 को अभियोक्त्री, उम्र 15 वर्ष 7 माह अपने रिश्ते की बहन के साथ यादव नगर, बाकरोल रोड, चौकी पनौली ग्राम, थाना अंकलेश्वर, जिला भरूच में दस्तयाब हुई। अभियोक्त्री से पूछताछ की गई। अभियोक्त्री ने अपने कथनों में बताया कि वह और उसकी बुआ की लड़की/रिश्ते की बहन रोजगार के लिए गुजरात अंकलेश्वर गये थें जहां आरोपी विपिन उसे व उसके रिश्ते की बहन को फोन कर अपने किराये के कमरे में ले गया और दो दिन तक अपने यहां रखा रहा और उसके साथ जबरदस्ती बलात्संग किया फिर अभियोक्त्री और उसकी रिश्ते की बहन दूसरे के कमरे में रहने के लिए चल गए थें। अभियोक्त्री के कथनों के आधार पर आरोपी विपिन सिंह के विरूद्ध धारा 366ए, 376(1), 376(2)(द), 342 भा.द.सं. एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5एल/ 6 बढ़ाई गई। प्रकरण को माननीय पुलिस अधीक्षक सीधी द्वारा जघन्यी एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित कर विवेचना के निर्देश जारी किये एवं पुलिस द्वारा प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सोई एक्टक) सीधी में प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्र.क्र. 108/2021 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा के द्वारा अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सोय एक्ट), सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त शैलेन्द्र कुमार गौतम उर्फ विपिन तनय मकूलाल गौतम, उम्र-25 वर्ष, निवासी ग्राम-मलगांव, थाना मंगलपुर, जिला कानुपर देहात (उ.प्र.) को धारा 377 भादवि एवं 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट के अपराध में आजीवन कारावास, जिसका अभिप्राय आरोपी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास होगा, एवं 50,000/- अर्थदण्डथ की सजा से दंडित किया गया। साथ ही अभियोक्त्री को 2,00,000/- (दो लाख रूपये) प्रतिकर के रूप में अदा किये जाने के परिप्रेक्ष्य में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला सीधी म.प्र. को पत्र सहित निर्णय की प्रति प्रेषित की जाये।




