समरसता यात्रा का पूजा पार्क में हुआ आत्मीय स्वागत
संत शिरोमणि श्री रविदास जी के सिद्धांतों पर अंत्योदय के लिए सरकार संकल्पित है - डॉ कैलाश जाटव

यात्रा समाज को जोड़ने का अभियान है – विधायक सीधी श्री शुक्ल
रिपोर्ट अरुण मिश्रा
सीधी/ जन-जन तक संत शिरोमणि श्री रविदास जी की शिक्षाओं को पहुंचाने तथा एक समरस समाज की स्थापना के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 5 समरसता यात्राएं निकाली जा रहीं हैं। ये यात्राएं प्रदेश के प्रत्येक ग्राम से एक मुठ्ठी मिट्टी और पवित्र नदियों का जल एकत्रित कर सागर पहुंचेगी जहाँ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 अगस्त को 35 एकड़ में 100 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले संत शिरोमणि श्री रविदास के मंदिर का शिलान्यास करेंगे। उक्त बातें समरसता यात्रा के प्रभारी डॉ कैलाश जाटव ने पूजा पार्क में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहीं। इसके पूर्व समरसता यात्रा के सीधी विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर जगह-जगह लोगों द्वारा पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। पूजा पार्क में विधायक सीधी श्री केदारनाथ शुक्ल सहित उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने संत शिरोमणि श्री रविदास जी के चरण पादुका, उनके जन्मस्थली की मिट्टी तथा गंगा जल कलश का पूजन किया।
डॉ जाटव ने कहा कि संत शिरोमणि श्री रविदास जी सामाजिक सद्भाव समरसता तथा समानता के मुखरवाणी थे। उन्होने अपने जीवन में जात-पात, छुआछूत तथा कुप्रथाओं का जमकर विरोध किया तथा अपने विचार और वाणी से मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। उनके सिद्धांतों पर चलकर प्रदेश सरकार अंत्योदय के लिए संकल्पित है। समाज समरस हो इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं हो सभी वर्गों का विकास हो इस उद्देश्य के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सागर में गुरु रविदास जी के मंदिर का निर्माण प्रदेश सरकार की एक सराहनीय पहल है। इस केंद्र से आध्यात्म की धारा बहेगी जो पूरे राष्ट्र में समरस समाज के संदेश को फैलाएगी।
विधायक सीधी श्री शुक्ल ने कहा कि संत शिरोमणि श्री रविदास जी संत परंपरा के महान योगी और परम ज्ञानी थे। उन्होंने अपनी शिक्षाओं से अपने समकालीन संतों को बहुत ही प्रभावित किया था। उनकी पदों को गुरु ग्रंथ साहिब में विशेष स्थान मिला है। उन्होंने सदैव कर्म को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि व्यक्ति को जीवन में उनकी योग्यता और साधना से ही प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। उनकी शिक्षाओं से हमारा आज का समाज तथा भावी पीढ़ी भी लाभान्वित हो इसी उद्देश्य के साथ मुख्यमंत्री जी की पहल पर सागर में वृहद मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। लोगों को इस पुण्य कार्य में भागीदार बनाने के लिए प्रदेश की सरकार द्वारा यह समरसता यात्रा निकाली जा रही है। लोगों से उनके गांव की एक मुट्ठी मिट्टी तथा नदियों का जल एकत्रित किया जा रहा है जिसका उपयोग मंदिर निर्माण में किया जाएगा जिससे मंदिर के प्रति लोगों का एक विशेष लगाव और जुड़ाव होगा। विधायक ने कहा कि सागर में बनने वाला मंदिर दुनिया में बेजोड़ होगा जो पूरे विश्व को समरसता का मार्ग दिखायेगा। यह अभियान समाज को एक सूत्र में जोड़ने का अभियान है। उन्होंने के कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के महान विभूतियों का सम्मान करती है। उनकी शिक्षाओं का लोगों को लाभ मिले इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक धौहनी श्री कुंवर सिंह टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, जनपद अध्यक्ष सीधी श्री धर्मेंद्र सिंह परिहार, गणमान्य नागरिक देव कुमार सिंह चौहान, डॉ राजेश मिश्रा, श्री के के तिवारी, श्री अमलेश्वर चतुर्वेदी, श्रीमती पूनम सोनी, श्रीमती अंजू पाठक, श्रीमती नीलम पाण्डेय, श्री राकेश मौर्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिकों तथा श्रद्धालुओं ने आगे रहकर यात्रा में सहभागिता की, संत शिरोमणि श्री रविदास जी के चरण पादुका तथा कलश का वंदन किया तथा समरसता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।




