अवयस्क बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कृत्य करने वाले आरोपी अंकल को हुआ आजीवन कारावास

इंदौर :- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 30.06.2023 को माननीय न्यायालय पन्द्रहवें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट ) श्रीमती पावस श्रीवास्तव, इंदौर, जिला इंदौर (मध्य प्रदेश) ने थाना विजय नगर, इंदौर के प्रकरण क्रमांक 72/2019 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी XYZ , उम्र 38 वर्ष, निवासी इंदौर को धारा 377 एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास, तथा धारा 506 भाग-2 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व धारा 342 में 6 माह का सश्रम कारावास व कुल 3000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री संजय मीणा द्वारा की गई।
नोट :- न्यायालय द्वारा पीडि़त बालक को 100000/- रुपये की राशि प्रतिकर के रूप में दिलाये जाने की अनुशंसा की गई।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 05.03.2019 को पीड़िता की माता ने थाना विजय नगर में यह रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि दिनांक 04. 03.2019 को शाम करीब 04:00 बजे वह अपनी कंपनी में काम कर रही थी तभी वहां पर उसका लड़का रोते व लड़खड़ाते हुए उसके पास आया और बताया कि पड़ोसी अंकल ने उसे उनके घर टी.वी. देखने के बहाने बुलाया और अपनी लड़की को घर से बाहर भेज दिया व दरवाजा बंद कर लिया। वह पलंग पर लेटकर टी.वी. देख रहा था तो अंकल ने उसकी पेंट उतारकर उसके साथ गलत काम किया, जब वह चिल्लाया तो उसका मुँह दबा दिया तभी पड़ोसी अंकल की लड़की आ गई तो उसने उसे छोड़ दिया और धमकी दी कि यह बात किसी को मत बताना नहीं तो उसे जान से मार देगा। उसने पीड़ित बालक का पेंट उतारकर देखा तो लेट्रिन के स्थान पर बहुत खून आ रहा था तो वह बालक को ईलाज हेतु एम.वाय. हॉस्पिटल इंदौर लेकर गई, जहां उसे भर्ती किया गया। पीड़िता की माता की इस रिपोर्ट के आधार पर थाना विजय नगर में अपराध क्रमांक 205 / 2019 पर अभियुक्त XYZ के विरुद्ध भा.दं.सं. की धारा 377, 342, 506 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5 (एम)/6 के अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना आरंभ की गई। संपूर्ण अनुसंधान होने के पश्चात अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर से अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।




