18 दिवसीय फगुआ जोहार के तेरहवें दिन टमसार जरौंधी टोला, टमसार बाजार, टमसार एजीएस विद्यालय के सामने और ठाढ़ीपाथर में हुआ फाग गायन

18 दिवसीय फगुआ जोहार के तेरहवें दिन टमसार जरौंधी टोला, टमसार बाजार, टमसार एजीएस विद्यालय के सामने और ठाढ़ीपाथर में हुआ फाग गायन
*फगुआ जोहार के मार्फत लोगों में बढ़ेगा भावनात्मक लगाव – नीरज कुंदेर*
*फगुआ जोहार के तेरहवें दिन टमसार में गूंजे फाग गायन के स्वर*
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी/की अग्रणी नाट्य संस्था इन्द्रवती नाट्य समिति द्वारा आयोजित फगुआ जोहार “फाग महोत्सव” की लोकप्रियता निरंतर बढ़ती जा रही है,इस महोत्सव की विशेष बात यह है कि आयोजन समिति लोक कलाकारों को अपने साथ लेकर एक गांव से दूसरे गांव दूसरे गांव से तीसरे गांव और तीसरे गांव से चौथे गांव यात्रा करती है जिससे एक गांव के कलाकार दूसरे गांव के कलाकारों से परिचित होते हैं और साथ साथ फाग भी गाते हैं इसलिए लोक कला का विस्तार हो रहा है हालांकि यह तौर तरीका नया नहीं है यह पहले से ही परंपरा में था कि एक गांव के कलाकार दूसरे गांव में फगुआ गाने जाते थे पर दूर के गांवों में नहीं जाया करते थे पर अब आयोजन समिति इस परंपरा को और विशालकाय बनाने के लिए सक्रियता से काम कर रही है। आयोजन का उद्देश्य बताते हुए नीरज कुंदेर कहते हैं कि फाग महोत्सव समिति द्वारा कई वर्ष से आयोजन किया जाता रहा पर इस बार जब हमने योजना बनाई तो मित्र रोशनी प्रसाद मिश्र ने कहा कि हम कलाकारों की टीम लेकर भी यात्रा कर सकते हैं,योजना अच्छी लगी तो सभी ने समर्थन किया और यह भी तय हुआ कि एक ही दल को न शामिल किया जाय बल्कि हर तीसरे चौथे दिन कलादल बदल दिया जाय तो कई कलाकारों को कला भ्रमण का अवसर मिलेगा और फिर ऐसा ही हुआ जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं, हमे पूरा विश्वास है कि फगुआ जोहार के मार्फत लोगों में भावनात्मक लगाव बढ़ेगा और लोक संस्कृति को बचाने के लिए लोग संगठित होंगे।
18 दिवसीय फगुआ जोहार के तेरहवें दिन टमसार जरौंधी टोला, टमसार बाजार, टमसार एजीएस विद्यालय के सामने और ठाढ़ीपाथर में फाग गायन का आयोजन किया गया जहां फाग गायन के स्वर गूंजते ही फाग सुनने के लिए कला प्रेमी जुड़ने लगे।कार्यक्रम में रजनीश कुमार जयसवाल, प्रजीत कुमार साकेत,संदीप माझी, रावेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, रामनरेश सिंह, राम सिंह, शिवनंदन सिंह, चंद्रभान सिंह, जगन्नाथ जायसवाल,कमलभान सिंह, रावेंद्र सिंह,ददन सिंह,चंद्रभान सिंह, सुखसेन सिंह, हरांद्र सिंह,लालबहादुर सिंह,सुनील सिंह,सूर्यदीन सिंह,भैयालाल साकेत,शिवनाथ साकेत, राजभान साकेत,रावेंद्र साकेत,जगन्नाथ साकेत,हिरभान साकेत,लल्लू साकेत,राजू साकेत,छोटू सिंह,बृजभान सिंह, केयाइल सिंह,गोनी बैगा,धर्मजीत सिंह,गुलाब सिंह,भैयालाल सिंह,तेजबहादुर सिंह,लालबहादुर सिंह, रॉय सिंह, गोपला सिंह,इंद्रबहदुर सिंह,बंशबहादुर सिंह,राजबहादुर सिंह,पी. डी.प्रजापति,छोटेलाल सिंह,इंद्रदेव सिंह,देवलाल सिंह, बाकेलाल सिंह,यदुनाथ सिंह,आनंद सिंह,दीपक प्रजापति, कुआर,गीता सिंह,रामकली सिंह,राजबती सिंह, बाबी सिंह,किरण सिंह,फूलबाई सिंह, वयाई सिंह,लल्ली सिंह,संजय सिंह सहित कई कलाकार और श्रोता दर्शक उपस्थित रहे।




