क्राइम

भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों को सजा

ar 728 ad
AR News Live

भोपाल, 29 मार्च 2025 – विशेष लोक अभियोजक हेमलता कुशवाहा ने बताया कि जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए माननीय विशेष न्यायालय, श्री मनोज कुमार सिंह ने सजा सुनाई।

 

अधिकारियों पर अपने पद का दुरुपयोग कर षडयंत्रपूर्वक एक कृषक की भूमि को बेहद कम मूल्य पर नीलाम करने का आरोप था। इस मामले में विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, विजेंद्र कौशल, महाप्रबंधक अशोक कुमार मुखरैया, सहकारिता निरीक्षक ए.पी.एस. कुशवाहा और परमजीत बेदी को धारा 420 सहपठित धारा 120-बी भादवि एवं धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) पीसी एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया।

 

सजा का विवरण

धारा 420 सहपठित 120-बी भादवि के तहत तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड (प्रत्येक आरोपी को)

धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) पीसी एक्ट के तहत तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड (प्रत्येक आरोपी को)

 

घटना का संक्षिप्त विवरण

ग्राम फतेहपुर डोगरा, तहसील हुजूर, जिला भोपाल की कृषक शायरा बानू ने वर्ष 1985-86 में 18,000 रुपये का ऋण लिया था। वर्ष 2000 से 2007 के बीच उसकी 3.50 एकड़ भूमि, जिसकी बाजार कीमत 1.76 लाख रुपये थी, को आरोपी अधिकारियों ने सिर्फ 50,000 रुपये में आरोपी परमजीत बेदी के नाम नीलाम कर दिया।

 

शायरा बानू को इस नीलामी की कोई सूचना नहीं दी गई थी, जबकि ऋण का केवल 9,000 रुपये शेष था। आरोपियों ने नीलामी के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैधानिक रूप से इसकी पुष्टि कराई। इस मामले में सहकारी संस्थाओं के संयुक्त पंजीयक बी.एस. वसकेल की विचारण के दौरान मृत्यु हो गई।

 

लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया और मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

 

सरकारी पक्ष की पैरवी

इस प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, श्रीमती हेमलता कुशवाहा ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर सभी आरोपियों को दंडित किया गया।


AR News Live
ar 728 ad
ar 728 ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ar 728 ad
Back to top button