*_लाड़ली बहना योजना में बढ़ने जा रही राशि, मोहन यादव ने मंच से कर दिया बड़ा ऐलान_*

*_लाड़ली बहना योजना में बढ़ने जा रही राशि, मोहन यादव ने मंच से कर दिया बड़ा ऐलान_*
भोपाल: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि में जल्द बढ़ोत्तरी हो सकती है. मुख्यमंत्री आवास में हुए रानी दुर्गावती महिला सरपंच सम्मेलन में दूर-दराज से आई बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका इशारा किया है. अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जो संकल्प पत्र में लिखा है, वो वैसा का वैसा ही पूरा होगा. अगले 5 सालों में धीरे-धीरे करके सारी घोषणाएं पूरी होंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक साढ़े 11 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों के खाते में जा चुकी है. सरपंच बहनें 10 अगस्त को लाड़ली बहनों को बुलाकर कार्यक्रम करें. प्रदेश की 1 करोड़ 39 लाख बहनों के खातों में 1500 रुपए आएंगे.’ गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने लाड़ली बहना योजना की राशि 3 हजार रुपए तक का वादा किया था.
सरकार सभी वादे पूरी करेगी
सीएम हाउस में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘रानी दुर्गावती जैसा पराक्रम न पहले कभी हुआ और न होगा. यह भारतीय संस्कृति है कि यहां 12 महीनों में 13 से ज्यादा त्योहार होते हैं. रक्षाबंधन पर्व की बहनों को बधाई देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं के लिए कई योजनाएं लेकर आए हैं. एमपी सरकार ने प्रदेश की बहनों को अब 450 रुपए में रसोई गैस का सिलेंडर देने का काम किया है. प्रदेश की बहनों को लाड़ली बहना योजना के तहत लगातार राशि उनके खातों में डाली जा रही है. अभी तक उनके खाते में साढ़े 11 हजार करोड़ की राशि खातों में जा चुकी है. अब घरेलू गैस सिलेंडर लाड़ली बहनें लेने जाएंगी, तो 450 रुपए में सिलेंडर भी मिलेगा.’
जन्माष्टमी का त्योहार धूम-धाम से मनाएं
अपनी-अपनी पंचायत में जनमाष्टमी का त्योहार धूम-धाम से मनाएं. पंचायतों में कार्यकम करें. इसके लिए पूरा कार्यक्रम भेजा जाएगा. जनमाष्टमी सिर्फ एक दिन नहीं कई दिन तक मनाया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भावना सिर्फ यही है कि गरीब से गरीब बहन के घर भी शासन की योजना रक्षाबंधन के त्योहार के लिए है.
फिजूलखर्ची रोकने का संकल्प, तेहरवीं पर खर्च न करें
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अपील की है कि ‘तेरहवी में फिजूलखर्जी न करें, अपना तो व्यक्ति गया, लेकिन कई बार जमीन बेचकर भी तेहरवीं कार्यक्रम किए जाते हैं. इसी तरह शादी समारोह में भी फिजूलखर्ची की जाती है. रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ एक धागा बांधने का नहीं है, बल्कि फालतू खर्च कम कराने का भी संकल्प लेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने बेटे की शादी में दोनों पक्ष के मुश्किल से 100 लोगों को बुलाकर शादी की. विवाह तो बच्चे-बच्ची का है, इसलिए बेवजह पैसा खर्च नहीं करना चाहिए. अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मेहनत करें, उस पर खर्च करें. इसको लेकर सरकार भी अपनी तरफ से पूरे प्रयास करेगी कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके. देवउठनी ग्यारस के बाद पंचायतों में बड़े-बड़े विवाह समारोह किए जाएं. इसमें सभी के विवाह एक साथ हों, इससे फिजूलखर्ची रूकेगी.




