*एक अदद सफाई के लिए तरस रहे नपा के कई वार्ड* *कई नालियां पड़ी है चोक, हर महीने कागजों में हो रही सफई-लाखों रूपये फूंकने के बाद स्थिती जस की तस*

*एक अदद सफाई के लिए तरस रहे नपा के कई वार्ड*
*कई नालियां पड़ी है चोक, हर महीने कागजों में हो रही सफई-लाखों रूपये फूंकने के बाद स्थिती जस की तस*
*सीधी।* नगर पालिका परिषद में अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों की उदासीनता से नगर में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का लोगों को सिर्फ सपना दिखाया जा रहा है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। दरअसल कोटहा मोहल्ला एवं पुरानी गल्ला मंडी सहित प्रमुख स्थान व वार्डों में कचरा व गंदगी का अंबार ● लगा हुआ है। नालियां चोक होने से पानी नहीं निकलता और सड़क पर • भर जाता है। वार्ड में सड़क और नालियां नीची होने से नालियों का • पानी सड़क पर जमा हो जाता है। गंदगी के चलते लोगों को परेशानियां का सामना करना पड़ता है। बारिश के पहले नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई।
जिससे नालियां भरी पड़ी हैं। जगह-जगह फैली गंदगी के अंबार से वार्ड वासियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। जिसकी बदबू से लोग परेशान हैं। जिस पर नगर पालिका परिषद के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि सफाई के लिएलाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं।
गंदगी और बदबू देने वाले स्थानों पर नहीं डाला जा रहा फिनायल / स्वच्छता अभियान के प्रति नगर परिषद में अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों कीउदासीनता से नगर में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का लोगों को सिर्फ सपना दिखाया जा रहा है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। कोटहा मोहल्ला सहित प्रमुख स्थान व वार्डों में कचरा व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां चोक होने से पानीनहीं निकलता और सड़क पर भरजाता है। वार्ड में सड़क और नालियां नीची होने से नालियों का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। जगह-जगह गंदगी का अंबार/ गंदगी के चलते लोगों को परेशानियां का सामना करना पड़ता है। बारिश के पहले नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई। जिससे नालियां भरी पड़ी हैं। जगह-जगहफैली गंदगी के अंबार से वार्ड वासियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। जिसकी बदबू से लोग परेशान हैं। जिस पर नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि सफाई के लिए लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं।
कागजों में चल रहा व्यवस्था को लेकर जहां नगर पालिका परिषद ने लाखों रुपए खर्च करके डस्टबिन, कचरा दान, कचरा ट्रॉली, कचरा वाहन सहित कई सामग्री की खरीदी की लेकिन इसका उपयोग ठीक तरीके से नहीं किया जा रहा है। कई सामग्री तो गायब भी हो गई हैं। ऐसे में स्वच्छता के नाम पर सिर्फखानापूर्ति करके कागजों में अभियान चलाया जा रहा है।
*नालियों में बजबजाता रहता है पानी*
जल निकासी भी इस एरिया की बड़ी समस्याओं में से एक है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने की वजह से मोहल्ले की नालियां पटी पड़ी हैं। इस कारण गंदा पानी नहीं निकल पा रहा है। हाल ये है कि कई नालियां टूट चुकी हैं, वहीं जल-जमाव के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बराबर बना रहता है। नालियां जाम होने की वजह से बरसात के मौसम में बारिश का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर जाता है। इस कारण मोहल्ले की स्थिति नारकीय हो जाती है। इस संबंध में मोहल्ले के लोग पार्षद से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से इसकी शिकायत करते हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है।




