मैहर की सांसें थम रहीं, प्रशासन खामोश — प्रदूषण के खेल में सरकारी मिलीभगत का पर्दाफाश!

मैहर में प्रदूषण का स्तर लगातार भयावह होता जा रहा है, लेकिन प्रशासन और मध्यप्रदेश सरकार की एजेंसियां मानो आंखें मूंदे बैठी हैं। मां शारदा की नगरी में जहरीली हवा हर दिन जिंदगी को निगल रही है, फिर भी जिम्मेदार विभागों की चुप्पी हैरान करने वाली है। सवाल यह उठता है — *साहिलारा नामक स्थान में प्रदूषण मापक AQI यंत्र देवी जी की पहाड़ी पर क्यों लगाया गया है* जबकि असली प्रदूषण का केंद्र *KJS सीमेंट प्लांट के आसपास* है! क्या यह यंत्र जनता को गुमराह करने के लिए लगाया गया है? क्या प्लांट के पास ऑक्सीजन अधिक है या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योगपतियों की सांठगांठ ने आंकड़ों को सजाने-संवारने का नया तरीका निकाल लिया है?
*मैहर प्रशासन जवाब दे!*
जब नगर के लोगों की सांसें दूषित हो रही हैं, जब बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य खतरे में है, तब *प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की खामोशी क्या किसी सौदेबाजी का संकेत नहीं देती?*
मां शारदा की नगरी को बचाने की पुकार अब और दबाई नहीं जा सकती —
मैहर अब जवाब मांग रहा है:
क्यों छिपाया जा रहा है सच,
क्यों खेला जा रहा है लोगों की जान से?




