जल निगम की लापरवाही: गड्ढों में फंसी जिंदगी, विकास बना संकट

जल निगम की लापरवाही: गड्ढों में फंसी जिंदगी, विकास बना संकट
सीधी। मध्य प्रदेश से जल निगम बोर्ड के द्वारा लगातार लोगों के घरों तक साफ और स्वच्छ पानी पहुंचाने का निश्चय किया गया है। लेकिन ठेकेदार और कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से यह लोगों के लिए खतरा बन रहा है। यहां लोगों की जान भी चली जाती है और लोग परेशान हैं इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं करते हैं।
दरअसल यह पूरा मामला आदिवासी अंचल क्षेत्र कुसमी का है जहां पर जल निगम ने जगह-जगह पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया है जहां पर लोगों के लिए अब घरों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन सड़कों के किनारे गड्ढे खोद दिए जाते हैं। उसकी मिट्टी को सड़क पर डाल दिया जाता है जिसके बाद यह एक्सीडेंट होने का कारण बन जाते हैं। इतना ही नहीं रोड में पानी बरस जाने की वजह से सड़क पर कीचड़ हो गया है इसकी वजह से इसमें फिसलन होती है और लोगों की जान पर बन आती है।
हाल ही में इसी मिट्टी की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई थी जहां पर ट्रैक्टर ने उसे कुचल दिया था और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद राजनीति भी गरमाई लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई ऐसे लोगों पर लगाम नहीं कर रही है।
इतना ही नहीं यहां कार्य जेसीबी के माध्यम से होता है जिसकी वजह से लोगों को रोजगार भी नहीं मिल पाता है। आदिवासी अंचल क्षेत्र के लोग पालायन करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि उन्हें अपने घरों के पास काम नसीब नहीं होता है जिसकी वजह से वह दूसरे प्रदेशों में जाकर मजदूरी का कार्य करते हैं।
रानी की बात तो यह है कि ग्राम पंचायत में कार्य होता है लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव अधिकारियों की इस बात की जानकारी ही नहीं लगती कि आखिर यह काम क्या है और इस कार्य में क्या गुणवत्ता होनी चाहिए और किस प्रकार से उसे स्थिति को बरकरार रखा जाए। साथ ही खुदाई को लेकर इसमें विवाद की स्थिति लगातार बनती रहती है।
हालांकि यह देखने वाली बात है की इतनी बड़ी लापरवाही होने के बाद आखिर इसका क्या रुख होता है क्या जनपद पंचायत सीईओ एसडीएम तथा कलेक्टर तक यह बात पहुंचती है या फिर यह सिर्फ महज एक न्यूज़ बनाकर रह जाती है।




