अनुशासन, दक्षता और समर्पण का परिचय — IG रीवा जोन श्री गौरव राजपूत द्वारा सीधी पुलिस का वार्षिक निरीक्षण”

अनुशासन, दक्षता और समर्पण का परिचय — IG रीवा जोन श्री गौरव राजपूत द्वारा सीधी पुलिस का वार्षिक निरीक्षण”
*निरीक्षण के दौरान परेड, बलवा नियंत्रण ड्रिल एवं सैनिक सम्मेलन का आयोजन — मेडिकल नशे के विरुद्ध निर्णायक अभियान का आह्वान*
सीधी। रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत आज जिला सीधी पहुंचे और अपने दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के प्रथम दिवस का कार्यक्रम सम्पन्न किया।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के नेतृत्व में आयोजित इस निरीक्षण में जिला पुलिस की विभिन्न शाखाओं, प्रशिक्षण एवं कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण का शुभारंभ पुलिस परेड ग्राउंड, सीधी में आयोजित वार्षिक निरीक्षण परेड से हुआ।
परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक श्री बीरेन्द्र कुमरे ने किया।
पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत ने परेड की सलामी ली, निरीक्षण किया तथा उत्कृष्ट टर्नआउट प्रदर्शित करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया।
उन्होंने प्लाटूनवार ड्रिल एवं शस्त्र अभ्यास का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके उपरांत वाहन शाखा, क्वार्टर गार्ड एवं रक्षित निरीक्षक कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और सुधारात्मक सुझाव प्रदान किए गए।
*बलवा नियंत्रण परेड में दिखी सीधी पुलिस की तत्परता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता*
वार्षिक निरीक्षण के दौरान बलवा नियंत्रण परेड का भी आयोजन किया गया, जिसमें परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत कड़वे ने कमांडर के रूप में दायित्व निभाया।
इस दौरान अश्रु गैस पार्टी, कैन पार्टी, राइफल पार्टी एवं इंतज़ामी पार्टी द्वारा बलवा की स्थिति में नियंत्रण की रणनीति का सजीव प्रदर्शन किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत ने बलवा नियंत्रण अभ्यास का गहन निरीक्षण करते हुए सुरक्षा उपकरणों — बॉडी गार्ड, कैन, शील्ड एवं हेलमेट — की मजबूती एवं उपयोगिता का परीक्षण किया और बलवा की स्थिति में प्रभावी नियंत्रण हेतु दिशा-निर्देश दिए।
*सैनिक सम्मेलन में समस्याओं की सुनवाई, मिला समाधान का भरोसा*
निरीक्षण के पश्चात सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत ने सम्मेलन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याएँ सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा *“मेडिकल नशे को जिले के साथ-साथ पूरे संभाग से समाप्त करना हमारी प्राथमिकता है। आने वाले छह माह में इस अवैध व्यापार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा।”*
*अनुशासन, सौम्यता और कर्मशीलता पर दिया विशेष बल*
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव, परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत कड़वे, रक्षित निरीक्षक श्री बीरेन्द्र कुमरे एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।
*बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत ने कहा “हर अधिकारी व कर्मचारी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे। क्रोध पर नियंत्रण रखकर उसे सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित करें। अपने कार्य में आनंद खोजें, कर्मशील बनें और सदैव मधुर वाणी का प्रयोग करें। मीठा बोलने वाला सदा सम्मानित होता है, जबकि कटु वाणी व्यक्ति के गुणों को भी धूमिल कर देती है।”*
*मेडिकल नशे के विरुद्ध निर्णायक जंग का संकल्प*
सभा के अंत में पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत ने पुनः मेडिकल नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि — *“यह केवल कानून का नहीं बल्कि समाज की आत्मा को बचाने का अभियान है। जब पुलिस और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो कोई भी बुराई अधिक समय तक टिक नहीं पाती।”*
*आयोजन में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:*
पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव, परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत कड़वे, रक्षित निरीक्षक श्री बीरेन्द्र कुमरे, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ एवं सीधी पुलिस बल।




