मध्य प्रदेश

अभियोजन अधिकारियों के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ  

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भोपाल, 22 फरवरी 2025: मध्य प्रदेश के लोक अभियोजन संचालनालय के तत्वावधान में नवनियुक्त 212 अभियोजन अधिकारियों के 45 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, कान्हासैया, भोपाल में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया।

 

इस अवसर पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी मुख्य अतिथि रहे, जबकि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति श्री सुरेश कुमार कैत एवं न्यायमूर्ति श्री विवेक अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उद्बोधन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में अभियोजन अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “जब कोई व्यक्ति पीड़ित होता है, तो उसके मन में जलते हुए शोले होते हैं। अभियोजन अधिकारी पीड़ितों को न्याय दिलाकर उन्हें संतुष्ट करते हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना अभियोजन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सरकार उनकी सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहेगी।”

न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी का संबोधन

न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा, “अभियोजन अधिकारियों का कार्य पीड़ितों को संपूर्ण न्याय दिलाना है। ई-कोर्ट की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए अभियोजन अधिकारियों को लैपटॉप और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे वे अपनी पैरवी को और अधिक प्रभावी बना सकें।”

 

मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत की टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत ने अभियोजन अधिकारियों से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “अभियोजन अधिकारियों को सत्य की खोज में न्यायालय के सहभागी के रूप में कार्य करना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करूंगा कि वे अभियोजन अधिकारियों को उनकी आवश्यकताओं और गरिमा के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराएँ।”  

 

न्यायमूर्ति श्री विवेक अग्रवाल का विचार

न्यायमूर्ति श्री विवेक अग्रवाल ने अनुशासन और संयम को सफलता की कुंजी बताते हुए अभियोजन अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण निष्ठा से कार्य करने की प्रेरणा दी।

 

कार्यक्रम की रूपरेखा एवं समापन

कार्यक्रम की रूपरेखा अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया द्वारा प्रस्तुत की गई, जबकि लोक अभियोजन संचालक श्री बी.एल. प्रजापति ने स्वागत उद्बोधन दिया।

 

इस दौरान, रजिस्ट्रार जनरल म.प्र. उच्च न्यायालय श्री धरमिंदर सिंह, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनोज श्रीवास्तव, सीएपीटी डायरेक्टर श्री अनिल किशोर यादव सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के अंत में प्र.संयुक्त संचालक श्री रामेश्वर प्रसाद कुमरे ने आभार प्रकट किया। एडीपीओ श्री विक्रम सिंह एवं श्रीमती सुधा विजय सिंह भदौरिया ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

 

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यह आयोजन अभियोजन अधिकारियों को न्यायिक प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभाने हेतु सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


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