एचएमपीवी वायरस पर हाई अलर्ट: मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को किया तेज
मध्य प्रदेश: स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर बड़ी बैठक

भोपाल। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल स्थित मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में नर्सिंग कॉलेजों की काउंसलिंग प्रक्रिया, एचएमपीवी वायरस की स्थिति और चिकित्सा शिक्षा में सुधार जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई।
नर्सिंग कॉलेजों की काउंसलिंग प्रक्रिया
उप मुख्यमंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों की काउंसलिंग प्रक्रिया और मान्यता की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित समयसीमा में सभी प्रक्रियाएं पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है।
एचएमपीवी वायरस पर सतर्कता
बैठक में एचएमपीवी वायरस (Human Metapneumovirus) के बढ़ते खतरे को लेकर विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि इस वायरस की स्थिति पर लगातार निगरानी रखें और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को मजबूत करें।
चिकित्सा शिक्षा में सुधार
बैठक में मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन से जुड़े प्रस्ताव को जल्द तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही, उन्होंने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर जोर देते हुए इसे प्रदेश की प्राथमिकता बताया।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में शामिल अधिकारी
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, और संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (नर्सिंग एवं पैरामेडिकल) मनोज सरियाम मौजूद थे।
इस बैठक के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की योजना बनाई गई।




