विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण निर्मित करें – जिला शिक्षा अधिकारी

विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण निर्मित करें – जिला शिक्षा अधिकारी
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी l शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 के राधा कृष्ण सभागार में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ प्रेम लाल मिश्रा के मुख्य आतिथ्य एवं जिला परियोजना समन्वयक राजेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की खंडस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा बैठक में शाला में दर्ज छात्र-छात्राओं की जानकारी, सत्र 2023 -24 में प्रवेशित छात्रों की कक्षोन्नति एवं शाला की प्रथम शाला में प्रवेशित बच्चों की मैपिंग, नि:शुल्क पाठयपुस्तक का टेस्ट बुक ऐप में प्राप्ति एवं वितरण, एनएएस की तैयारी की समीक्षा, कक्षा 1-2 के छात्रों का सत्यापन एवं पूर्णता प्रमाण पत्र प्रशस्ति ऐप में शाला में अध्ययनरत बच्चों का पंजीयन, माह जून 2024 के खाद्यान्न उठाव की समीक्षा, मध्यान्ह भोजन वितरण उपरांत 15544 में एसएमएस की स्थिति, शाला परिसर में वृक्षारोपण की तैयारी की समीक्षा, शाला भवन की स्थिति की जानकारी, शाला में पेयजल एवं विद्युत की समीक्षा, कक्षा पांचवी एवं आठवीं के परीक्षा परिणाम की समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय अपने कैचमेंट एरिया के बच्चों की जानकारी प्रत्येक प्रधानाध्यापक को अपनी टेबल पर रखी होनी चाहिए ,जो विद्यालय में प्रवेश ले लिया होगा वह ड्रॉप आउट न हो। बच्चों को ऐसा स्नेह प्रेम दिया जाय, जिससे बच्चे स्वतंत्र रूप से अध्ययन अध्यापन का कार्य कर सकें। बच्चों को साफ सफाई सीखने से पहले शिक्षक स्वयं अपने आप में आदर्श हो। शाला में कम से कम एक शिक्षक कंप्यूटर फ्रेंडली होना चाहिए। शिक्षक स्वयं सीखे सारी जानकारी कंप्यूटर में आती है अतः शिक्षक अच्छी तरह से सीखे एवं बच्चों को भी सीखने के लिए प्रेरित करें। विद्यालय की व्यवस्था हेतु चिंतन करें उसमें कैसे अच्छा बनाया जाए। अच्छे कार्य से परिवार एवं समाज का वातावरण अच्छा रहता है। अपने कार्य को जितना अच्छा करेंगे, वह विद्यालय समाज और राष्ट्र का निर्माण में सहायक होता है।
जिला परियोजना समंवयक श्री तिवारी द्वारा बच्चों के भविष्य सवारने हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा अध्यापन पर सर्वाधिक जोर दिया गया। कक्षा में शिक्षकों के बीच सक्रिय रहकर अध्यापन कार्य करने, समय से समय तक शाला संचालित करने, शाला तथा शाला परिसर सदा स्वच्छ रखने, कक्षा पांचवी आठवीं के अच्छे रिजल्ट हेतु शुरू से ध्यान देने पर विशेष रूप से जोर दिया गया। एनएमएमएसए एवं ओलंपियाड परीक्षा की तैयारी किए जाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए लक्ष्य निर्धारित कर अधिक से अधिक छात्रों को पंजीयन कर सफलता प्राप्त करने ही सुझाव दिए गए। जिस शाला भवन की स्थिति ठीक नहीं है उन शाला भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं किए जाने के निर्देश दिए गए और निर्देशित किया गया कि नजदीकी शासकीय भवन में शाला संचालित करे। किसी भी स्थिति में छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रहे, सभी जनशिक्षकों को प्रतिदिन कम से कम तीन विद्यालय का अवलोकन करने हेतु निर्देशित किया गया। डीपीसी द्वारा भविष्य में शैक्षणिक कार्य में लापरवाही करने पर सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई।
विकासखंड स्त्रोत समन्वयक विनय मिश्रा ने कहा कि जिन जिन विद्यालयों में मैपिन एवं कक्षाउन्नत का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है, तीन दिवस के अंदर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए। कक्षा पांचवी एवं आठवीं की पुनः परीक्षा में उत्तीर्ण, बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्राथमिक विद्यालय से उत्तीर्ण बच्चों को नजदीकी माध्यमिक शाला में एवं आठवीं उत्तीर्ण बच्चों को नजदीकी हाई स्कूल हायर सेकंडरी विद्यालय में स्थानांतरण प्रमाण पत्र तीन दिवस के अंदर सौंपते हुए बच्चों का प्रवेश कराए जाने का निर्देश दिए गए। कक्षा 5 उतीर्ण छात्र लगभग 1300 बच्चे अभी तक कक्षा 6 में प्रवेश नहीं ले पाए हैं अतः ऑनलाइन कक्षाउन्नति का कार्य पूर्ण कराया जाए। नि:शुल्क पाठ पुस्तक विद्यालय में भेजी गई हैं उन्हें रिसीव करने प्रत्येक प्राथमिक माध्यमिक के बच्चों को एप के माध्यम से शतप्रतिशत वितरित करे, यह कार्य तीन दिवस के अंदर कोई भी विद्यालय शेष ना रहे । एनएएस परीक्षा 3, 5, 9 की होनी है जिससे बच्चो की तैयारी अभी से प्रारंभ करें। प्रशस्ति एप में शाला में अध्ययनरत समस्त बच्चों की प्रोफाइल अपडेशन एवं सर्वे का कार्य किया जाना है। सभी संस्था प्रमुख को तीन दिवस के अंदर कार्य को पूर्ण करते हुए, पूर्णता प्रमाण पत्र जनशिक्षक के माध्यम से कार्यालय में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
समीक्षा बैठक में विकासखंड आकादमिक समन्वयक विश्वनाथ प्रसाद वर्मा, शिवप्रताप सिंह,भोला प्रसाद पटेल, एमआईएस कोर्डिनेटर, एमआरसी, उपयंत्री, जनशिक्षक एवं हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य एवं माध्यमिक शाला के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।




